प्रतापगढ़ में राजा भैया के पिता के भंडारा आयोजन पर प्रशासन ने लगाई रोक

ग्लोबलभारत न्यूज़ नेटवर्क

 

प्रतापगढ़ में राजा भैया के पिता के भंडारा आयोजन पर प्रशासन ने लगाई रोक

हर बार की तरह इस बार भी जिला प्रशासन ने कुंडा विधायक रुघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह द्वारा हनुमान मंदिर में भंडारे के आयोजन पर रोक लगा दी। वहीं कुंडा में इस आयोजन को लेकर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है।

शेखपुर आशिक गांव में हनुमान मंदिर पर होता है भंडारा

कुंडा तहसील क्षेत्र के शेखपुर आशिक गांव में वर्ष 2005 में मोहर्रम के दसवीं के दिन एक बंदर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसे लेकर क्षेत्र में तनाव फैल गया था। वहां के लोग हर साल मोहर्रम के दसवीं के दिन ही मृत बंदर को श्रद्धाजंलि देने के उद्देश्य से हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह निवासी भदरी ने वर्ष 2014 में शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम के दसवीं के दिन होने वाले हनुमान चालीसा के पाठ के साथ ही भंडारे के आयोजन की शुरुआत कर दी। वर्ष 2015 में भंडारे के आयोजन को वृहद रूप दे दिया गया, इसे लेकर भारी तनाव हो गया था। वर्ष 2016 में दो वर्गों में टकराव की आशंका को देखते हुए इस आयोजन पर जिला प्रशासन ने रोक लाग दी। उसी के बाद उदय प्रताप सिंह भंडारे की अनुमति के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ गए। वहां से राहत ना मिलने पर उन्होंने भंडारे की अनुमति के लिए 17 जनवरी 2020 को उच्चतम न्यायालय में प्रत्यावेदन किया। सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी 2020 को इसे निस्तारित करते हुए जिला प्रशासन को निर्णय लेने की जिम्मेदारी तय कर दी।

एसडीएम, पुलिस और एलआइयू की रिपोर्ट पर डीएम ने लगाई रोक

वहीं जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार द्वारा 17 अगस्त 2020 को राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह द्वारा भंडारे के लिए दिए गए प्रत्यावेदन पर एसडीएम कुंडा से रिपोर्ट मांगी गई। इस बाबत कुंडा एसडीएम, पुलिस विभाग एवं अधिसूचना विभाग द्वारा मिली आख्या पर जिलाधिकारी ने 24 अगस्त 2020 को अपने जारी आदेश में भंडारे पर रोक लगा दी। उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि शेखपुर आशिक गांव में स्थित हनुमान मंदिर में 28 से 31 अगस्त के बीच वर्तमान समय में कोविड 19 से उत्तपन्न महामारी को ²ष्टिगत रखते हुए भीड़भाड़ एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखना भी अत्यंत आवश्यक है। डीएम के इस आदेश की एक प्रति लेकर कुंडा कोतवाल डीपी सिंह राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह से मिलने उनके निवास स्थान भदरी कोठी पहुंचे। वहां पर उनसे मुलाकात नहीं हुई। ऐसे में डीएम के आदेश की प्रति को भदरी कोठी के मुख्य द्वार के बगल चस्पा कर दिया गया। एसडीएम कुंडा जलराजन चौधरी के मुताबिक जिलाधिकारी द्वारा भंडारे के आयोजन पर रोक लगाने के आदेश की प्रति को याची उदय प्रताप सिंह के आवास पर चस्पा करा दिया गया है।

भदरी कोठी से लेकर शेखपुर तक भारी पुलिस बल तैनात

कुंडा कोतवाली क्षेत्र के प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर शेखुपर के बाद मोहर्रम के दवसीं पर होने वाले संभावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन सतर्क है। कुंडा कोतवाल डीपी सिंह ने बताया कि मोहर्रम के दसवीं के दिन भदरी कोठी से लेकर शेखपुर चौराहा व हनुमान मंदिर छावनी में तब्दील रहेगा।