राहुल गांधी “नर्वस और तैयारी करते” छात्र की तरह हैं, जिसमें जूनून या योग्यता की कमी है – बराक ओबामा।

बराक ओबामा का 768 पन्नों का संस्मरण 'ए प्रॉमिस्ड लैंड' 17 नवंबर को बाजार में आने वाला है। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह का भी जिक्र किया गया है।

डा. एस. के. पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

लखनऊ, 15 नवम्बर।
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी एक किताब में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि राहुल गांधी एक “नर्वस और तैयारी करते“ ऐसे छात्र की तरह लगे जो अपने शिक्षक को प्रभावित करना चाहता है मगर उसके भीतर “विषय का मास्टर“ बनने के लिए जूनून या योग्यता की कमी है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने संस्मरण ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र किया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित समीक्षा के अनुसार, राहुल गांधी के बारे में ओबामा का कहना है कि ‘उनमें एक ऐसे ‘घबराए’ हुए और अनगढ़ छात्र के गुण हैं जिसने अपना पूरा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है और वह अपने शिक्षक को प्रभावित करने की चाहत रखता है लेकिन उसमें ‘विषय’ में महारत हासिल करने की योग्यता या फिर जूनून की कमी है। संस्मरण में ओबामा ने राहुल की मां और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का भी जिक्र किया है।

ओबामा का 768 पन्नों का यह संस्मरण 17 नवंबर को बाजार में आने वाला है। अमेरिका के पहले अफ्रीकी-अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने अपने कार्यकाल में दो बार 2010 और 2015 में भारत की यात्रा की थी।

भारत में विपक्ष के नेताओं ने बराक ओबामा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि ओबामा का बयान अप्रिय है। राउत ने ओबामा की भारत के बारे में जानकारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक विदेशी राजनेता को हमारे देश के किसी लीडर के बारे में ऐसी राय देने का अधिकार नहीं है।

कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गांधी “अयोग्य” और “नर्वस” छात्र हैं, ये बात ओबामा को पता कैसे चली‌? क्या वो क्लास रूम में साथ-साथ बैठते थे? ओबामा ने राहुल गांधी को “अयोग्य” बता कर, कांग्रेस के उन करोड़ों कार्यकर्ताओं के ह्रदय पर वज्रपात किया है, जो उन्हें भगवान की तरह मानते हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर का कहना है कि कुछ बैठकों के जरिए किसी का आकलन करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘बराक ओबामा और राहुल गांधी की तब मुलाकात हुई थी जब ओबामा अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर यहां आए थे। ये शायद 8-10 साल पहले की बात होगी। कुछ बैठकों के जरिए किसी का आकलन करना कठिन है। राहुल गांधी के व्यक्तित्व में तब से काफी बदलाव आया है, उन्होंने बहुत अनुभव हासिल किया है।’

कांग्रेस के पूर्व राज्य सभा सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि एक लाइन पकड़ लेने से कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा है कि इसके पहले बराक ओबामा देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कितना कुछ कह चुके हैं।

बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने कहा, ‘मैं राहुल पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। जब दुनिया के बड़े लोगों ने राहुल जी की बुद्धिमानी को इस तरह से रखा है‌। इसके बाद इनकी बुद्धि पर किसी को टिप्पणी करने का आधार नहीं है। अब तो समझो विदेश में भी अब इज्जत मिल रही है।’