राजा भैया को चुनौती देने के लिए भाजपा ने खेला बड़ा सियासी दांव, कैबिनेट मंत्री मोती सिंह को बनाया पंचायत चुनाव का प्रभारी।

ग्लोबल भारत न्यूज़ नेटवर्क

प्रतापगढ,24 जून । पंचायत चुनाव में बुरी तरह से पराजित भारतीय जनता पार्टी ने राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल को मात देने के लिए बड़ा सियासी दांव खेला है। राजा भैया और उनकी पार्टी को मात देने के लिए भाजपा संगठन ने प्रतापगढ़ जिले में पंचायत चुनाव का प्रभारी कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह को बनाया है और उन्हीं के सहारे इस बार भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा करने की कोशिश में है।

यूपी के पंचायत चुनाव 2021 में अयोध्या वाराणसी मथुरा और काशी जैसे स्थानों पर भाजपा को मात खानी पड़ी है लेकिन इसका प्रभाव आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में ना पड़े इसके लिए जरूरी है कि येन केन प्रकारेण यूपी में अधिक से अधिक जिला पंचायत बोर्ड पर उसका कब्जा हो जिससे आम जनमानस के बीच एक बड़ा संदेश जाए और यूपी विधानसभा चुनाव में पंचायत चुनाव हार का प्रभाव कम हो।

बात करें प्रतापगढ़ जिले की तो जिला पंचायत के बोर्ड पर कई वर्षों से राजा भैया का दबदबा कायम रहा है और उन्हें हराना किसी भी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती है और इस बार भी राजा भैया का बोर्ड बनता दिखाई दे रहा है, उनके पार्टी का दावा है कि उनके पास 42 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन प्राप्त है और पार्टी ने माधुरी पटेल को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया है।

पँचायत चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी समाजवादी पार्टी ने भी अमरावती यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया गया है और उन्हें जिताने के लिए लगातार निर्दलीय निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क में है।

वही राजनीति में उलटफेर करने वाले भारतीय जनता पार्टी के पास भले ही  5 जिला पंचायत सदस्य जी निर्वाचित हो लेकिन वह बड़ा दांव खेलने में माहिर है और सियासत की गोटी बिछाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। कुछ दिन पूर्व शहर के एक होटल में आयोजित जिला पंचायत सदस्यों के सम्मान में भोज के दौरान भाजपा के सभी विधायक सांसद और संगठन के लोगों की मौजूदगी इस बात की गवाह है की वह पंचायत चुनाव मैं अध्यक्ष पद पर अपनी उम्मीदवारी को लेकर न सिर्फ सजग हैं बल्कि किसी भी कीमत पर इस बार जिला पंचायत बोर्ड पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं इसके लिए अनौपचारिक तौर पर क्षमा सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है और लगातार यह दावा कर रही हैं कि भाजपा के संपर्क में निर्दलीयों के अलावा कुछ सपा से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन भी प्राप्त है।

किसी भी पार्टी को जिला पंचायत बोर्ड पर कब्जा करने के लिए सीधे तौर पर राजा भैया को चुनौती देना पड़ेगा और उन्हें सियासी चुनौती देना किसी भी पार्टी के लिए इतना आसान नहीं है। सत्तासीन पार्टी भाजपा ही उलटफेर कर सकती है लेकिन राजा भैया के सामने सीधे तौर पर टक्कर लेने की माद्दा प्रतापगढ़ के किसी भी भाजपा नेता में नहीं है जिसके बाद अब संगठन ने राजनीत के धुरंधर खिलाड़ी कहे जाने राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह को पंचायत चुनाव का प्रभारी बनाकर जिला पंचायत अध्यक्ष बोर्ड पर अपना कब्जा करने के लिए एक बड़ा सियासी दांव खेला है।