लखनऊ में अब 40 से अधिक रफ्तार से अगर किसी वाहन ने फर्राटा भरा तो उसका आटोमैटिक चालान।

इन मार्गों पर 10 लेजर स्पीड रडार कैमरे लगाए गए हैं, जो एक किमी दूर सामने से आ रहे वाहनों की लेजर के माध्यम से स्पीड ट्रेस करने के साथ ही उसका नंबर भी नोट कर लेंगे।

डाo शक्ति कुमार पाण्डेय
विशेष संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

लखनऊ, 3 जुलाई।

लखनऊ में बढ़ते हादसों को कम करने के लिए राजधानी के चार मार्गों पर अब 40 से अधिक रफ्तार से अगर किसी वाहन ने फर्राटा भरा तो उसका लेजर स्पीड रडार कैमरे से आटोमैटिक चालान हो जाएगा।

चालान होने के कुछ देर बाद ही वाहन स्वामी के मोबाइल पर ओवर स्पीड के कारण किए गए चालान का मैसेज भी आएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल शहर के चार रूटों पर यह व्यवस्था की गई है। जल्द ही अन्य रूटों पर भी यह अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।

ये रूट हैं – खुर्रम नगर चौराहे से समता मूलक मार्ग, 1090 चौराहे से कालीदास मार्ग, अवध हास्पिटल (बाराबिरवा चौराहा) से दुबग्गा, और बंगला बाजार से कैंट।

उक्त चार मार्गों पर फर्राटा भरने वाले वाहनों पर पैनी नजर रखने के लिए 10 लेजर स्पीड रडार कैमरे लगाए गए हैं। यह कैमरा करीब एक किमी दूर सामने से आ रहे वाहनों की लेजर के माध्यम से स्पीड ट्रेस करने के साथ ही उसका नंबर भी देख लेंगे। स्पीड ट्रेस होते ही कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस कर्मी गाड़ी नंबर के आधार पर चालान कर देंगे।

रईस अख्तर, डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि ‘गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए प्रमुख रूटों पर लेजर स्पीड रडार कैमरे लगाए गए हैं। उनकी मदद से कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस कर्मी वाहनों का चालान करेंगे।’