20 साल से आतंक का एक अध्याय हुआ समाप्त, 15 लाख के इनामी सब जोनल कमांडर बुद्धेश्वर उराव हुआ ढेर।।

ग्लोबल भारत न्यूज़ नेटवर्क

झारखंड, 16 जुलाई:- भाकपा माओवादी का दुर्दांत आतंकी बुद्धेश्वर उरांव का हिंसात्मक कार्रवाई दो दशक से गुमला तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में संचालित था यह खुलासा उसकी मौत के बाद पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज मामलों से हुआ है। उसके खिलाफ वर्ष 2002 से ही गुमला सिमडेगा और लातेहार जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में उग्रवादी हिंसा, हत्या, पुलिस पर जानलेवा हमला बारूदी सुरंग विस्फोट पुलिस मुठभेड़ सहित 80 मामले दर्ज है। जिसमें 30 मामला केवल हत्या करने के संबंध में दर्ज है।

खौफ का बादशाह कहा जाता था:- बुद्धेश्वर का गुमला जिले में खौफ तथा आतंक का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है कि गुमला जिला में उसके खिलाफ दर्ज कुल 64 मामलो में 30 हत्या, बारूदी सुरंग विस्फोट जानलेवा हमला से संबंधित है यह घटनाएं गुमला जिले के सदर थाना रायडीह बिशुनपुर घाघरा चैनपुर गुरुदूरी सिसई डूमरी जारी पालकोट तथा कुरूम गढ़ थाना में 24 घटनाएं हत्या की दर्ज है, जबकि हत्या की श्रेष्ठा घटनाएं सिमडेगा जिला के बानो सिमडेगा जलडेगा आदि थाना क्षेत्रों में घटित हुई है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:- गुमला सदर थाना में 16 रायडीह थाना में पांच बिशुनपुर में आठ घाघरा में नौ जशपुर में 14 गुरदूरी में दो सिसई में तीन डुमरी और जारी में एक-एक पालकोट में 3 तथा कुरूमगढ़ थाना में 2 मामले दर्ज हैं। लातेहार जिला के महुआडांड़ में एक तथा सिमडेगा जिला के बानो थाना में एक जलडेगा में दो कोलेबिरा में पांच तथा सिमडेगा थाना क्षेत्र में 7 मामले दर्ज हैं। सब जोनल कमांडर के मारे जाने के बाद ठेकेदार व्यवसायी लोगों में खुशी का इजहार किया जब तक अनुसार नक्सली था तब तक ठेकेदार डर के साए से देवी पहुंचाने का कार्य करते थे। आज मारे जाने के बाद लोगों में काफी उत्साह देखा गया वही जिले के एसपी हरदीप पी जनार्दन ने बताया कि खूंखार नक्सली मारे जाने की पुष्टि तो की लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बात कहने से इंकार कर दीजिए एसपी ने बताया कि कल रांची से डीआईजी आई जी आने की बात कही है उन्हीं लोगों के द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन करने की बात भी कही।।