कानपुर में लव जिहाद का नया मामला : मुस्लिम युवक ने पहचान छिपाकर नाबालिग छात्रा को फंसाया।

पुलिस ने जब युवक को अरेस्ट किया तब पता चला कि उसका नाम मोहम्मद ओवैस है। छात्रा ने बताया कि मोहम्मद ओवैस और उसकी बहन उसका धर्म परिवर्तन कराके उसे नमाज और आयत पढ़ने के तरीके सिखा रहे थे।

डा. एस. के. पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

लखनऊ, 16 अक्टूबर।
कानपुर में लव जिहाद का एक और नया मामला सामने आया है जिसमें एक मुस्लिम युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाते हुए 7वीं की नाबालिग छात्रा को प्रेमजाल में फंसा लिया। युवक छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

छात्रा गत गुरुवार देर शाम तक घर नहीं लौटी तो मां ने पुलिस से शिकायत की। शुक्रवार को पुलिस ने छात्रा को बरामद करने के साथ ही आरोपी युवक और उसकी बहन को अरेस्ट करके जेल भेज दिया है।

नौबस्ता थाना क्षेत्र में रहने वाली 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के पिता का निधन हो चुका है। नाबालिग छात्रा 7वीं में पढ़ती है और मां के साथ रहती है।

आरोपी युवक मोहम्मद ओवैस बाबू पुरवा कोतवाली क्षेत्र के अजीतगंज का रहने वाला है। वह मजदूरी करता है। आरोप है कि वह नाबालिग छात्रा को फुसलाकर भगा ले गया और उसको नमाज पढ़ने के तौर-तरीके सिखा रहा था।

छात्रा की मां ने युवक पर लव जिहाद का आरोप लगाया है। उन्‍होंने बताया कि एक महीने पहले घर के बगल में खाली प्‍लॉट में निर्माण कार्य चल रहा था। आरोपी युवक वहां पर मजदूरी करने आया था। युवक अक्सर उनके घर पर ठंडा पानी लेने के बहाने आया करता था। उसने अपना नाम बाबू बताया था।

पूंछने के बाद बावजूद भी युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाई थी। इसी दौरान उसने बेटी को प्रेमजाल में फांस लिया। बाबू उर्फ मोहम्‍मद ओवैस और उसकी बहन माही हयात फोन पर भी उनकी बेटी से बातचीत करते थे। भाई-बहन मिलकर बेटी को नमाज सिखाने और ब्रेनवॉश करने का काम कर रहे थे।

पीड़िता की मां ने बताया कि उन्‍हें पिछले कई हफ्ते से आरोपी के व्यवहार में परिवर्तन दिख रहा था। आरोपी युवक गत गुरुवार को उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। बेटी काफी देर तक घर लौटी तो उन्‍होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बेटी को बरामद करते हुए आरोपी युवक और उसकी बहन को अरेस्ट करके जेल भेज दिया है।

पुलिस ने जब युवक को अरेस्ट किया तब पता चला कि उसका नाम मोहम्मद ओवैस है। बेटी ने बताया कि मोहम्मद ओवैस और उसकी बहन उसका धर्म परिवर्तन कराना चाहते थे। साथ ही उसे नमाज और आयत पढ़ने के तरीके सिखाते थे।