लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि धोखाधड़ी के आरोपी रजिस्ट्री सेल के सभी बाबू हटाए गए।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि भूखंडों में फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री कराने के मामले में रजिस्ट्री सेल के सभी बाबुओं को हटाने का फैसला लिया गया है जबकि एक को निलम्बित भी कर दिया गया है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के रजिस्ट्री सेल के सभी बाबू हटाए गए, जबकि एक निलम्बित। धोखाधड़ी का आरोप।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

लखनऊ, 14 अक्टूबर।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि भूखंडों में फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री कराने के मामले में रजिस्ट्री सेल के सभी बाबुओं को हटाने का फैसला लिया गया है जबकि एक को निलम्बित भी कर दिया गया है।

13 भूखंड व भवनों की रजिस्ट्री कराए जाने के बाद एलडीए की रजिस्ट्री सेल के सभी बाबुओं को हटा दिया गया है।

यहां तैनात तीन बाबुओं में से एक बाबू पवन कुमार को जहां जाली दस्तावेज व हस्ताक्षर का उपयोग कर रजिस्ट्री कराने पर निलंबित किया गया है।

बाकी दो बाबू मानबहादुर सिंह और विवेक श्रीवास्तव को हटाने के पीछे अफसरों ने तर्क दिया है कि एक ही अनुभाग होने के बाद भी दोनों को जालसाजी के बारे में जानकारी नहीं हुई।

हालांकि, अनुभाग अधिकारी सीमा अग्रवाल को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है। सचिव ने बुधवार को इसके लिए आदेश जारी कर दिया।

रजिस्ट्री सेल में अब प्रदीप केसरवानी, शिवकुमार दुबे और कैलाश कुमार सिंह को तैनात किया गया है। वहीं, मानबहादुर सिंह को अब बसंतकुंज योजना में संपत्ति का काम मिला है। विवेक श्रीवास्तव अब आईजीआरएस के काम देखेंगे।

सचिव पवन गंगवार का कहना है कि रजिस्ट्री सेल और कंप्यूटर सेक्शन दोनों ही अनुभाग को फूलप्रूफ बनाया जा रहा है। कंप्यूटर सेक्शन में भी बदलाव चालू है।

बुधवार को रजिस्ट्री कराए जाने के लिए नए बाबुओं के हस्ताक्षर सत्यापित कर भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।

बृहस्पतिवार से रजिस्ट्री होना शुरू हो जाएंगी। जिनकी रजिस्ट्री टली हैं। उनका काम प्राथमिकता पर होगा।

सचिव का कहना है कि जिन भूखंड पर अवैध निर्माण हुए हैं वहां निर्माण को तोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रवर्तन की कार्रवाई कराई जा रही है। 13 में से तीन भूखंड पर निर्माण हो चुके हैं, जबकि एक पर निर्माण शुरू किया गया था।