तेलंगाना में शीर्ष महिला नक्सली नेता ने डीजीपी के समक्ष किया समर्पण

 
तेलंगाना में शीर्ष महिला नक्सली नेता ने डीजीपी के समक्ष किया समर्पण
तेलंगाना में शीर्ष महिला नक्सली नेता ने डीजीपी के समक्ष किया समर्पण तेलंगाना में शीर्ष महिला नक्सली नेता ने डीजीपी के समक्ष किया समर्पण तेलंगाना में शीर्ष महिला नक्सली नेता ने डीजीपी के समक्ष किया समर्पणहैदराबाद, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की एक शीर्ष नेता ने शनिवार को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

भाकपा (माओवादी) की दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के उत्तर उप-क्षेत्रीय ब्यूरो की एक मंडल समिति की सदस्य अलुरी उषा रानी ने पुलिस महानिदेशक एम. महेंद्र रेड्डी के समक्ष हथियार डाल दिए।

उषा रानी उर्फ विजयक्का उर्फ पोचक्का आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के तेनाली की रहने वाली है और उसकी परवरिश कृष्णा जिले के गुडीवाड़ा में हुई थी। उसने स्वास्थ्य के आधार पर आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस के अनुसार, वह तेलंगाना और छत्तीसगढ़ दोनों जगहों पर कई हिंसक घटनाओं में शामिल थी। उसने दोनों राज्यों में अपने भूमिगत जीवन के दौरान कुल 14 अपराधों में भाग लिया। इनमें सुरक्षा बलों पर पांच हमले, पुलिस के साथ तीन बार फायरिंग, तीन इमारतों में विस्फोट, एक अपहरण और दो हमले के मामले शामिल हैं।

डीजीपी ने माओवादी कैडरों से मुख्यधारा में शामिल होने और तेलंगाना राज्य की पुनर्वास प्रक्रिया से रचनात्मक भागीदारी और लाभ के माध्यम से राष्ट्र की उन्नति में भाग लेने की अपील की, जिसमें उपयुक्त राशि और अन्य सहायता उपायों के साथ तत्काल राहत शामिल है।

डीजीपी ने कहा कि उषा रानी को नीति के अनुसार, राज्य द्वारा पूर्ण पुनर्वास प्रदान किया जाएगा। उसने उसे तत्काल खर्चो को पूरा करने के लिए 50,000 रुपये नकद भी दिए।

उषा रानी ने खुलासा किया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के भाकपा (माओवादी) के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच की कमी के कारण उन्हें उचित ध्यान या उपचार नहीं मिल रहा है।

उनके अनुसार, भाकपा (माओवादी) के पूर्व महासचिव मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति सहित केंद्रीय समिति के कई सदस्य वृद्धावस्था के कारण खराब स्वास्थ्य से पीड़ित हैं।

देश में संघर्ष क्षेत्रों में जाने में असमर्थ लक्ष्मण राव को महासचिव की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। अब उनकी तबीयत बेहद नाजुक बनी हुई है।

उसने पुलिस को बताया कि गिरफ्तारी, मौत और महत्वपूर्ण और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के आत्मसमर्पण के कारण संगठन को सैन्य और संगठनात्मक दोनों तरह से झटका लगा है।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम