डॉक्टर दंपति महिला के गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान पेट में कैंची ही छोड़ आए। कुछ समय बाद महिला की मौत।

जिला उपभोक्ता फोरम ने उपचार की रकम ब्याज समेत वापस लौटाने और दोषी डॉक्टर दंपति की प्रैक्टिस रोकने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को लिखने का आदेश दिया।
डॉक्टर दंपति महिला के गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान पेट में कैंची ही छोड़ आए। कुछ समय बाद महिला की मौत।

डा. शक्ति कुमार पाण्डेय
विशेष संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

लखनऊ, 24 मार्च।

उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में डॉक्टर दंपति एक महिला के गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में कैंची ही छोड़ आए। इससे कई महीने दर्द झेलने के बाद महिला को जान से हाथ धोना पड़ा।

मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने मृतका के परिजनों को उपचार में खर्च की रकम को ब्याज समेत वापस लौटाने का फैसला सुनाया है।

इसके साथ ही फोरम ने डीएम और सीएमओ को दोषी डॉक्टर दंपती की प्रैक्टिस रोकने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को लिखने का आदेश दिया है।

नगर क्षेत्र निवासी प्रमिला मित्तल और डॉ जितेंद्र मित्तल दंपति का नगर में ही एक हॉस्पिटल है। अनूपशहर दिल्ली दरवाजा निवासी अवधेश कुमार की पत्नी गीता को नवंबर 2012 में पेट दर्द की शिकायत हुई थी। जिसके बाद उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जांच के बाद डॉक्टरों ने गीता का ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। ऑपरेशन के 6 दिन बाद गीता को डिस्चार्ज कर दिया गया। ऑपरेशन के एवज में उनसे 30 हजार रुपये लिए गए और 20 हजार रुपये की कोई रसीद भी नहीं दी गई।

ऑपरेशन के बाद भी महिला के पेट में तेज दर्द बना रहा। दर्द से राहत नहीं मिलने पर जनवरी 2013 में गीता को दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां एक्स-रे में खुलासा हुआ कि गीता के पेट में कैंची है।

सेंट स्टीफन अस्पताल में डाक्टरों ने गीता का ऑपरेशन कर कैंची निकाली। लेकिन आपरेशन के बाद भी कैंची के इंफेक्शन की वजह से गीता की तकलीफें बढ़ती चली गईं और अन्ततः जून 2020 में गीता की मौत हो गई।

इस मामले में मृतका के पति अवधेश कुमार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने दंपती को दोषी करार दिया। डॉक्टर प्रमिला मित्तल और जितेंद्र मित्तल को पूर्ण रूप से लापरवाही और असावधानी बरतने का दोषी माना गया है।

दूसरी तरफ, डॉक्टर प्रमिला मित्तल और जितेंद्र मित्तल ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा हैं।