खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह की पाकिस्तान के लाहौर में ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या

केसीएफ का मकसद सभी अलगाववादी खालिस्तानी उग्रवादी समूहों को एकजुट करना है। वह उन्हें एकजुट कर ‘सिख होमलैंड’ बनाना चाहता है। इस संगठन में तीन लेवल का सिस्टम है, जहां शक्तियों का बंटवारा होता है। इसमें पंथिक समिति के सदस्य पहले और दूसरे लेवल के नेतृत्व को संभालते हैं, केसीएफ के तीसरे लेवल में मुख्य रूप से ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISSF) का कैडर शामिल होता है। इस अलगाववादी संगठन को लेकर कहा जाता है कि इसकी मौजूदगी कनाडा, ब्रिटेन और पाकिस्तान में है।
 
परमजीत पाकिस्तान में रहकर भारत में आतंकी गतिविधियों को देता था अंजाम
परमजीत पाकिस्तान में रहकर भारत में आतंकी गतिविधियों को देता था अंजाम।

ग्लोबल भारत न्यूज़ नेटवर्क

नेशनल, 06 मई:- खालिस्तानी कमांडो को पाकिस्तान के लाहौर में मार गिराया गया है, मीडिया में आई खबरों के अनुसार, अलगाववादी ग्रुप खालिस्तान कमांडो फोर्स (Khalistan Commando Force, KCF) के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवार की आज शनिवार सुबह लाहौर के सनफ्लावर सोसाइटी जौहर टाउन में हत्या कर दी गई। अलगाववादी नेता परमजीत सिंह पंजवार भारत में लंबे समय से वांटेड था। उस पर भारत में सिख उग्रवाद को बढ़ाने, हत्या तथा हथियारों की तस्करी को पुनर्जीवित करने समेत कई आरोप लगे हैं। आपको बता दे कि परमजीत सिंह पंजवार सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एएस वैद्य की हत्या और लुधियाना में हुई देश की सबसे बड़ी बैंक डकैतियों में से एक मामले में भी वांटेड था। लाहौर में हुए हमले में परमजीत सिंह पंजवार के दो बॉडीगार्ड भी मारे गए। इन दोनों बॉडीगार्ड को हमलावरों ने मार गिराया। अलगाववादी नेता परमजीत एक समय में पाकिस्तान की कुख्यात आईएसआई का बेहद करीबी हुआ करता था। सुरक्षा बलों का मानना है कि इस हत्याकांड से पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने में खासी मदद मिलेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- पंजवार पंजाब के तरनतारन जिले के पंजवार गांव का रहने वाला था, 1986 तक उसने सोहल में सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में काम भी किया। इसके बाद उसने खालिस्तान कमांडो फोर्स ज्वाइन कर लिया, जिस समय पंजवार ने केसीएफ को ज्वाइन किया, उस समय उसका कमांडर लभ सिंह हुआ करता था, जिसका पंजवार के ऊपर खासा प्रभाव था। लभ सिंह परमजीत सिंह पंजवार का चचेरा भाई था, कहा जाता है कि पंजवार की पत्नी और बच्चे जर्मनी में रहते हैं। आप लोगे के मन मे यह बात जरूर आती होगी कि क्या थे इनके मकसद, केसीएफ का मकसद सभी अलगाववादी खालिस्तानी उग्रवादी समूहों को एकजुट करना है। वह उन्हें एकजुट कर ‘सिख होमलैंड’ बनाना चाहता है। इस संगठन में तीन लेवल का सिस्टम है, जहां शक्तियों का बंटवारा होता है। इसमें पंथिक समिति के सदस्य पहले और दूसरे लेवल के नेतृत्व को संभालते हैं, केसीएफ के तीसरे लेवल में मुख्य रूप से ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISSF) का कैडर शामिल होता है। इस अलगाववादी संगठन को लेकर कहा जाता है कि इसकी मौजूदगी कनाडा, ब्रिटेन और पाकिस्तान में है। इसे पश्चिमी यूरोप और अमेरिका से फंडिंग भी मिलती है, ये फंडिंग आमतौर पर उन लोगों से मिलती है, जो संगठन की विचारधारा को मानते हैं।