अजीत सिंह की हत्या करने वाले शूटर का इलाज करने वाले धनंजय सिंह पर पुलिस का शिकंजा कसेगा।

नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर ने पुलिस के सामने बयान दिया है कि उन्होंने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के कहने पर ही इलाज करने के लिये अपने नर्सिंग होम के डॉक्टर को बोला था। 

डा. एस. के. पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

लखनऊ, 20 जनवरी।
अजीत सिंह की हत्या करने वाले शूटर का इलाज पूर्व सांसद और माफिया धनंजय सिंह ने भी कराया। इस पर्दाफाश के बाद अब धनंजय सिंह पर पुलिस का शिकंजा कसने की सम्भावना है।

इलाज करने वाले डॉक्टर का कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज होने से पूर्व बाहुबली सांसद धनंजय सिंह की मुसीबतें और बढ़ जायेंगी। डॉक्टर ने पुलिस के सामने बयान दिया है कि उन्होंने पूर्व सांसद के फोन पर ही इलाज करने के लिये अपने नर्सिंग होम के डॉक्टर को बोला था।

विभूतिखंड में हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की हत्या में शूटर का सुलतानपुर में इलाज कराने वाले नर्सिंग होम के संचालक व डॉक्टर एके सिंह का पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज कराया। डॉ. एके सिंह ने विभूतिखंड थाने में अपना बयान दर्ज कराया। इनसे पांच घंटे तक पूछताछ की गई।

इन डॉक्टर के नर्सिंग होम में ही घायल शूटर सात जनवरी की सुबह करीब पांच बजे भर्ती हुआ था। फिर नौ जनवरी की दोपहर वह डिस्चार्ज होकर चला गया था। इस अस्पताल की फुटेज भी पुलिस ने कब्जे में ली थी।

इसके बाद पुलिस ने सुलतानपुर के इन डॉ. एके सिंह को पूछताछ के लिये बुलाया था। ये डॉक्टर सोमवार को विभूतिखंड थाने पहुंचे थे। पुलिस ने इन डॉक्टर का कलमबंद बयान कोर्ट में दर्ज कराया।

पुलिस के सामने डॉक्टर ने बयान दिया कि छह जनवरी की रात पूर्व सांसद ने उन्हें फोन करके कहा था कि रॉड लगने से घायल व्यक्ति का इलाज अपने अस्पताल में करायें। इस पर ही उन्होंने अपने अस्पताल में एक डॉक्टर को फोन कर इलाज करने को कह दिया। उन्हें गोली लगने की बात नहीं पता थी।

डॉक्टर के बयान से पूर्व सांसद पर शिकंजा कसेगा। इस बयान के आधार पर ही पुलिस साबित करने का प्रयास करेगी कि पूर्व सांसद ने घायल शूटर का इलाज कराने में मदद की।

यह भी माना जा रहा है कि पूर्व सांसद की मदद से घायल शूटर अस्पताल से कहीं और सुरक्षित जगह जाकर अपना इलाज करा रहा है।

पुलिस ने विपुल की तलाश भी तेज कर दी है। विपुल ही घायल शूटर का इलाज लखनऊ में डॉक्टर से कराकर उसे फार्च्यूनर गाड़ी से लेकर सुलतानपुर में निजी अस्पताल तक ले गया था।

अजीत सिंह की हत्या के दौरान घायल हुए उसके साथी मोहर सिंह ने एफआईआर में लिखाया था कि यह वारदात आजमग़ढ़ जेल में बंद ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू और अखण्ड ने करवायी है।

उसने बताया था कि विधायक सीपू सिंह हत्याकांड में कुंटू के खिलाफ अजीत गवाह बना हुआ था। इस वजह से ही दोनों के बीच दुश्मनी हो गई थी। इन दोनों को लखनऊ कोर्ट में पेश करने के लिये पुलिस ने वारन्ट बी आजमगढ़ जेल में तामील कर दिया था।

इस पर आज 20 जनवरी की तारीख मिली थी। इस पर ही आजमगढ़ पुलिस इन दोनों को बुधवार को लखनऊ कोर्ट में अजीत सिंह हत्याकाण्ड में पेश करेगी।