चित्रकूट में हुई चोरी का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा,रजिस्ट्री ऑफिस में हुई थी लाखो की चोरी

चित्रकूट के रजिस्ट्री ऑफिस  में हुई चोरी का पुलिस ने किया मामले का सनसीखेज खुलासा

 
Chitrakoot news.

रिपोर्ट--रणदीप पाण्डेय (संवाददाता)

यूपी चित्रकूट जनपद में बीते 23 जनवरी को रजिस्ट्री ऑफिस में चोरी करने के इरादे से घुसे चोरों को कैश न मिलने पर ऑफिस में आग लगा देने के मामले में आज चित्रकूट पुलिस ने चार चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के दो लैपटॉप बरामद कर चोरी की घटना का खुलासा किया है । मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के रजिस्ट्री कार्यालय का है जहां बीते 23 जनवरी को अज्ञात चोरों ने चोरी के इरादे से रजिस्ट्री कार्यालय में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था जो चोरों ने कैश लॉकर को तोड़ने का प्रयास किया था जब वह तोड़ नही पाए तो अक्रोशित चोरों ने तीन लैपटॉप को चोरी करते हुए घटना को दूसरा रूप देने के लिए कार्यालय के कंप्यूटर कक्ष में आग लगा दिया था और मौके से फरार हो गए थे जिसके बाद पुलिस ने रजिस्टार के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश करना शुरू कर दिया था जिसके बाद आज पुलिस ने चार चोरों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से चोरी के दो लैपटॉप और चोरी में प्रयुक्त हथियार को बरामद किया है पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया है कि पकड़े गए चोरों ने बताया है कि वह रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर 7 दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे तभी इन लोगों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए योजना बनाई थी तभी इन लोगों ने कार्यालय में लगे ऐसी को हटाकर अंदर घुस गए और दरवाजा तोड़कर बाकी के साथी अंदर आ गए जिसके बाद वहां लगे सीसीटीवी को निकाल लिया था और वहां के कैश रूम के लाकर को इन लोगों ने तोड़ने का प्रयास किया था जब वह तोड़ नहीं पाए तो वहां रखे तीन लैपटॉप को उठाते हुए घटना को दूसरा रूप देने के लिए वहां आग लगा दिए  जिससे वहां रखा सामान जलकर राख हो गया था इसके बाद यह फरार हो गए थे जो आज मुखबिर की सूचना पर इन चार चोरों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से चोरी के दो लैपटॉप बरामद हुए हैं एक लैपटॉप अभी भी बरामद नहीं हुआ है जो भागे हुए तीन आरोपियों के पास वह लैपटॉप है जिन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है वही इस मामले में पकड़े गए चोरों के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मेन आरोपियों को छोड़ दिया है और उनके बच्चों को पुलिस निर्दोष फंसा रही है जिन लोगों ने पैसे दे दिया है उन आरोपियों को पुलिस ने बचा दिया है और जो  लोगों ने पैसे नहीं दिया है उनको जबरन चोरी के आरोप में पुलिस जेल भेज रही है ।