आईएसआई एजेंट गिरफ्तार, सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान की आईएसआई से करता था साझा

शैलेश भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से आईएसआई को साझा कर रहा था। खुलासा होने के बाद कासगंज जिले की पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस आरोपी शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान के घर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
 
शैलेश
रिपोर्ट- विवेक राय संवाददाता

ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

कासगंज, 26 सितंबर:- पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के लिए भारतीय सेना की जासूसी करने वाले शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान को एटीएस ने मंगलवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जिनौल गांव का रहने वाला है। एटीएस ने शैलेश के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं एवं विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

सोशल मीडिया से आईएसआई को भेजता था खुफिया जानकारी- शैलेश भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से आईएसआई को साझा कर रहा था। खुलासा होने के बाद कासगंज जिले की पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस आरोपी शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान के घर पहुंचकर जांच में जुट गई है। एसपी सौरभ दीक्षित ने सीओ पटियाली को इस मामले में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।

भारतीय सेना में अस्थाई मजदूर के रूप मे काम किया- शैलेश ने लगभग 9 माह से अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना में अस्थाई मजदूर के रूप मे काम किया था। इस दौरान उसने भारतीय सेना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा कीं। शैलेश वर्तमान में भारतीय सेना में किसी पद पर कार्यरत नहीं है। जब कोई उससे उसकी नौकरी के बारे में पूछता तो वह अपने को भारतीय सेना में कार्यरत बताता था। सोशल मीडिया पर भी शैलेश चौहान के नाम से उसकी प्रोफाइल बनी हुई है। उस पर भारतीय सेना की यूनिफॉर्मपहने हुए उसकी फोटो लगी है। शैलेश पहले आईएसआई हैंडलर हरलीन कौर नाम की महिला के संपर्क में आया। उससे मैसेंजर पर बात हुई। उसके बाद वह आईएसआई की हैंडलर प्रीती के संपर्क में आया। उसकी ऑडियो कॉल के माध्यम से बात होने लगी। शैलेश ने प्रीती को भी अपना परिचय सेना के जवान के रूप में दिया।

सेना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की लोकेशन भी भेजी- निजी बातचीत के दौरान प्रीती ने उसे आईएसआई के लिए काम करने की बात कही। इसके बदले अच्छी रकम देने का लालच दिया। लालच में आकर शैलेश ने प्रीती को सेना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की लोकेशन, सेना की गाड़ियों के मूवमेंट के फोटो भेजे। यही फोटो उसने हरलीन कौर को भी भेजे। शैलेश को फोन पे पर अप्रैल 2023 से रुपये मिलने लगे। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि इस मामले की जानकारी कराई जा रही है।