पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के लिए पद्म विभूषण सम्मान की घोषणा।

केन्द्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण सम्मान देने की घोषणा करके लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तगड़ा ओबीसी कार्ड चल दिया है।
 
ग्लोबल भारत न्यूज

पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण सम्मान देने की घोषणा।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

लखनऊ, 26 जनवरी।

केन्द्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण सम्मान देने की घोषणा कर लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तगड़ा ओबीसी कार्ड चल दिया है।

समझा जा रहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से की गई यह घोषणा उत्तर प्रदेश में भाजपा की पिछड़ों की लामबंदी के अभियान को साधने और उनकों और करीब लाने के मुहिम में मददगार होगी।

उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश में मंडल और कमंडल की राजनीति के बीच न सिर्फ कांग्रेस का यूपी से बोरिया बिस्तर समेटने में प्रमुख किरदार रहे।

वैचारिक व राजनीतिक दोनों ही स्तर पर विरोधी होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी कई मौकों पर मुलायम की नजदीकी खबरों की सुर्खियां बनती रहीं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में खुद जिस तरह नरेंद्र मोदी को फिर जीतकर आने और सरकार बनाने की शुभकामनाएं दी थी, उसने भी राजनीतिक क्षेत्र में बहुत हलचल पैदा की थी।

इस घोषणा के साथ भाजपा ने यह संदेश भी देने का प्रयास किया है कि मुलायम के समर्थक भाजपा के साथ आएं तो वह ज्यादा सुरक्षित रहेंगे, साथ ही उन्हें राजनीति में बड़ी हिस्सेदारी भी मिलेगी। इसी के साथ भाजपा ने यह भी संदेश देने का प्रयास किया है कि भाजपा वैचारिक विरोधियों का भी सम्मान करती है।

मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण सम्मान की घोषणा के बाद अखिलेश यादव के लिए यह कहना अब काफी मुश्किल होगा कि भाजपा पिछड़ोंं का सम्मान नहीं करती है। बल्कि उन पर इस सवाल का जवाब देने का दबाव ज्यादा होगा कि किन कारणों से उन्होंने मुलायम सिंह को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से बेदखल किया था।

पद्म विभूषण की घोषणा के बाद 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा मुलायम के समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव की तरफ से उनके असम्मान को मुद्दा बनाए। पिछड़ों के बीच भाजपा यह कह सकती है कि जिन अखिलेश को मुलायम ने सब कुछ दिया उन्होंने किस तरह अपमान किया।