प्रतापगढ़ में वन माफिया के हौसले बुलंद, धड़ल्ले से हो रहे हरे-भरे प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई, जानकर अनजान बना वन विभाग

वन विभाग और पुलिस विभाग को देता हूं पैसा, दोनों विभाग के सामने ही काटूंगा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ जिसमें हो दम दिखाये रोक कर - ठेकेदार, ठेकेदार ने अपशब्द भाषा का प्रयोग करते हुए कहा किसी की गां.... में दम नहीं है रुकवा दे लकड़ी कटवाना, विकासखंड मांधाता के ग्रामसभा पूरे स्वामी दास के ठेकेदार पवन कुमार मिश्रा उर्फ (बांके) ने वन विभाग और पुलिस विभाग को किया खुला चैलेंज

 
पेड़ों की कटाई
रिपोर्टर अमित सिंह (राहुल) संवाददाता 

ग्लोबल भारत न्यूज़ नेटवर्क

प्रतापगढ़ 14 नवंबर : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही हर घर हरियाली जैसी योजनाओं पर करोड़ों खर्च कर क्षेत्र को हरा-भरा करने का प्रयास कर रही हो, लेकिन प्रतापगढ़ में वन विभाग के बेलगाम कर्मचारी और अधिकारियों के चलते ये योजनाएं सफल होना तो दूर यहां वर्षों पहले लगे हुए हरे-भरे प्रतिबंधित पेड़-पौधे भी इनकी मिलीभगत से वन माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से काटे जा रहे हैं, जिससे प्रतापगढ़ जिले में हरियाली की बात करना बेमानी साबित हो रहा है|

हद तो तब हो गई जब विकासखंड मांधाता के ग्राम सभा पूरे स्वामी दास में लकड़ी ठेकेदार पवन कुमार मिश्रा उर्फ (बांके) वन विभाग और पुलिस विभाग को खुला चैलेंज दे दिया और दोनों विभागों पर रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया ठेकेदार ने कहा वन विभाग और पुलिस विभाग के सामने ही काटूंगा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ जिसकी गां... में हो दम रुकवा कर दिखा दे पूरे जिले में कटवाऊंगा पेड़ 25 वर्षों से कर रहा हूं लकड़ी की ठेकेदारी यही करते-करते बाल सफेद हो चुके हैं थाना अदालत मुकदमा नहीं डरता किसी से अगर मेरे ऊपर कार्रवाई भी होगी तो 10 दिन के अंदर ही छूट जाऊंगा ज्यादा से ज्यादा क्या होगा दस बीस पचास हजार रुपए ही तो होंगे खर्च|

ठेकेदार ने जिले के वन विभाग और पुलिस विभाग की खोली पोल यहां से लेकर शहरों से होते हुए बड़े नगरों तक प्रशासन की ही मिलीभगत से निकल पाता हूं अवैध हरी लकड़ी से लदा हुआ ट्रक ठेकेदार ने हल्का दरोगा के ऊपर भी रिश्वत खाने का लगाया गंभीर आरोप पत्रकारों से बातचीत के दौरान ठेकेदार ने कहा राजा भैया जियाउल हक को मरवा दिए क्या हुआ कुछ नहीं और बीकरू कांड विकास दुबे और पुलिस के बीच मुठभेड़ का भी दिया उदाहरण बड़ा सवाला ठेकेदार इन सब बातों से क्या देना चाहता था पत्रकारों को संदेश, ठेकेदार ने कहा रिश्वतखोरी कोई नहीं बंदकर सकता और ना ही हत्याएं पुलिस और आम आदमी की भी हो रही हत्याएं|

आपको बता दें कि ठेकेदार ने बातों ही बातों में पत्रकारों को दी है धमकी इसकी सूचना वन विभाग अधिकारी पुलिस विभाग के अधिकारी को भी दी गई लेकिन उसके बाद भी नहीं हुई कार्रवाई खुलेआम UP72T5664 ट्रक पर लदती रही लकड़ियां और दोनों विभाग देते रहे कार्रवाई करने का आश्वासन नहीं हुई कोई कार्रवाई लकड़ी से भरी ट्रक हो गई गायब|

अब देखना यह है कि वन विभाग और पुलिस विभाग के द्वारा इस पर क्या कार्रवाई होती है अगर इस तरह के वन माफियाओं के ऊपर प्रशासन नहीं कसा गया शिकंजा तो पर्यावरण के साथ-साथ पत्रकारों को भी है खतरा अगर ऐसा होता है तो इसके जिम्मेदार होगा कौन बड़ा सवाल?

ठेकेदार ने दोनों विभागों को दिया है खुला चैलेंज जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर रविवार को हुआ वायरल उसके बाद भी दोनों विभागों द्वारा ठेकेदार के ऊपर नहीं की अभी तक कोई कार्रवाई जिससे वन माफिया के हौसले और हो गए हैं बुलंद कार्रवाई न होने से ठेकेदार का दोनों विभागों पर लगाया गया आरोप सही की तरफ कर रहा है इशारा|