श्रीराम कथा के छठे दिन सीता राम विवाह की भव्य झांकियां सजाई गई।

इस अवसर पर उपस्थित काशी प्रांत के सह प्रांत प्रचारक मुनीश जी ने अपने संबोधन में महानाट्य “जाणता राजा” के विषय में चर्चा करते हुए शिवाजी महाराज जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
 
ग्लोबल भारत न्यूज

श्रीराम कथा के छठे दिन सीता राम विवाह की झांकियां भी सजाई गई।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क

प्रतापगढ़, 28 सितम्बर।

इस अवसर पर उपस्थित काशी प्रांत के सह प्रांत प्रचारक मुनीश जी ने अपने संबोधन में महानाट्य “जाणता राजा” के विषय में चर्चा करते हुए शिवाजी महाराज जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।

उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी में कहा कि “यदि कोई युवक शिवा जी महाराज का जीवन चरित्र पढ़ेगा और अपने जीवन में उतारने का प्रयास करेगा तो उसके लिये यह गारंटी है कि वह कभी भी न तो डिप्रेशन में जा सकता है और न ही कभी आत्म हत्या की बात सोच भी सकता है"।

श्री राम कथा में श्री दिलीप कृष्ण भारद्वाज जी ने महर्षि विश्वामित्र  के साथ मिथिला में पधारे श्री राम का गुरुदेव से आज्ञा लेकर लक्ष्मण जी के साथ नगर भ्रमण का रोचक वर्णन किया। 

गुरुदेव की अनुमति से पुष्प वाटिका में प्रसून लेने पहुँचे राम (ब्रह्म) का सीता (भक्ति) से प्रथम बार मिलन की अद्भुत कथा श्रोताओं को श्री दिलीप कृष्ण जी के श्रीमुख से सुनने को मिली तो आनंद प्राप्त हुआ। 

इसके उपरांत, सीता जी को माँ भवानी का आशीष प्राप्त हुआ, धनुष यज्ञ में उपस्थित राजाओं के द्वारा धनुष भंग न कर पाने पर राजा जनक द्वारा उनको धिक्कारना, लक्ष्मण जी का जनक जी के प्रति रोष प्रकट करना और फिर गुरुदेव महर्षि विश्वामित्र जी के आदेश “उठहु राम भंजहू भव चापा” पर श्री राम द्वारा धनुष भंग करना एवं सीता जी (भक्ति) के द्वारा राम (ब्रह्म) के गले में जयमाल डालने एवं श्री राम का सीता के साथ विवाह का अप्रतिम प्रसंग सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

श्री राम कथा आयोजन समिति द्वारा श्री राम एवं सीता के विवाह की अत्यंत अद्भुत झांकियाँ प्रस्तुत की गयीं।

कथा के पूर्व सर्वप्रथम मुख्य यजमान श्री सियाराम गुप्ता जी द्वारा पूजन एवं माल्यार्पण का कार्य संपन्न हुआ। 

आज की कथा में महंत मनोज ब्रह्मचारी, विभाग प्रचारक प्रवेश, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रेमलता सिंह, पूर्णाशु ओझा, डॉ निशाकान्त ओझा, संयोजक डॉ सौरभ पांडेय, गोविंद प्रसाद खंडेलवाल, शिशिर खरे, नीतेश खंडेलवाल, डॉ चेत प्रकाश पांडेय, गिरिजा शंकर मिश्र, सुनील दुबे, आशीष जायसवाल, डॉ रंगनाथ शुक्ल, अमित शुक्ल, अशोक शर्मा, जय शंकर सोनी, रेणु पांडेय, डॉ दीप्ति पांडेय, डॉ रेणु शुक्ल, कामायनी, शकुंतला, बीना, साक्षी, अनुराधा, बबिता इत्यादि उपस्थित रहे।
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