उत्कृष्ट प्रशिक्षक के लिए कौशल विविधता बहुत आवश्यक है- चन्द्र शेखर प्राण।

'तीसरी सरकार अभियान' के अन्तर्गत 'पंचपरमेश्वर विद्यापीठ' के तत्वावधान में आयोजित 'विवेकवान नेतृत्व विकास कार्यक्रम' के तीन दिवसीय 'प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण' का उद्घाटन तीसरी सरकार अभियान के संस्थापक और नेहरू युवा केन्द्र संगठन के पूर्व निदेशक श्री चन्द्र शेखर 'प्राण' के द्वारा किया गया। 
 
ग्लोबल भारत न्यूज

उत्कृष्ट प्रशिक्षक के लिए कौशल विविधता बहुत आवश्यक है- चन्द्र शेखर प्राण।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज

प्रतापगढ़, 15 मार्च।

'तीसरी सरकार अभियान' के अन्तर्गत 'पंचपरमेश्वर विद्यापीठ' के तत्वावधान में आयोजित 'विवेकवान नेतृत्व विकास कार्यक्रम' के तीन दिवसीय 'प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण' का उद्घाटन तीसरी सरकार अभियान के संस्थापक और नेहरू युवा केन्द्र संगठन के पूर्व निदेशक श्री चन्द्र शेखर 'प्राण' के द्वारा किया गया। 

उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए श्री प्राण ने कहा कि उत्कृष्ट प्रशिक्षक के पास प्रशिक्षण के विभिन्न कौशल होने चाहिए और उत्कृष्ट प्रशिक्षक वही बन सकता है जिसके अंदर ज्ञानार्जन की क्षमता होती है।

प्रशिक्षण में तीसरी सरकार अभियान के वरिष्ठ सदस्य श्री अनिल तिवारी व्दारा अवगत कराया कि वर्तमान में पंचपरमेश्वर विद्यापीठ की विभिन्न राज्यों में 19 शाखा स्थापित की जा चुकी है। 

इस अवसर पर बैतूल से आयी श्रीमती रिंकी नागले  ने बताया कि पंचपरमेश्वर विद्यापीठ की बैतूल शाखा में लगभग 100 प्रशिक्षणार्थियों के पंजीकरण हो चुके हैं।

प्रशिक्षण में आज मेरठ से आये मुकन्द वल्लभ शर्मा के व्दारा सुझाव दिया गया कि इस प्रशिक्षण में विषय के साथ साथ अधिक से अधिक प्रशिक्षण कौशल पर चर्चा की जानी चाहिए।

हिसार हरियाणा से आये नेहरू युवा केन्द्र संगठन के पूर्व उपनिदेशक नरेन्द्र यादव ने कहा कि विवेकवान प्रशिक्षक बनने के लिए कौशल के साथ साथ समर्पण, निष्ठा और सद्भाव की भावना का विकास करने की क्षमता का होना आवश्यक है।

दिल्ली से आये 'तीसरी सरकार अभियान' के संस्थापक सदस्य श्री अरूण तिवारी ने कहा कि प्रशिक्षण के प्रारंभ में सभी को अपनी अपेक्षा, सुझाव और प्रशिक्षण में सहयोग के विषय में जानकारी देना चाहिए।

पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले श्री आर्य शेखर ने पंच परमेश्वर पर दो गीतों की प्रस्तुति दी।

आज शरीफ अहमद मुरादाबाद, द्विजेन्द्र विश्वात्मा, अमित त्रिपाठी झांसी, अरविन्द कुशवाहा महोबा, अनन्या दिल्ली, अमन कुमार वर्मा, जहानाबाद बिहार, विकास कुमार बिहार, रेखा रानी हरिद्वार उत्तराखण्ड, मूरत सिंह यादव छतरपुर मध्यप्रदेश और नलिनी मिश्रा प्रयागराज ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये।