रामनगरी में प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के तहत पारित हो मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ का संकल्प प्रस्ताव।

आगामी 22 जनवरी को अयोध्या नगरी में श्रीराम लला के विग्रह प्रतिष्ठा उत्सव में श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ के रूप में मान्यता का संकल्प प्रस्ताव भी पारित कराए जाने की मांग उठाई गयी है। 
 
ग्लोबल भारत न्यूज

रामनगरी में प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के तहत पारित हो मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ का संकल्प प्रस्ताव।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज

लालगंज, प्रतापगढ़, 3 जनवरी।

आगामी 22 जनवरी को अयोध्या नगरी में श्रीराम लला के विग्रह प्रतिष्ठा उत्सव में श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ के रूप में मान्यता का संकल्प प्रस्ताव भी पारित कराए जाने की मांग उठाई गयी है। 

बुधवार को लालगंज अझारा स्थित श्रीहरिहरमंदिरम् में श्रीरामचरितमानस राष्ट्रीय ग्रंथ अभियान समिति की बैठक हुई। बैठक का शुभारंभ श्रद्धालुओं ने श्रीरामचरितमानस के पूजन अर्चन तथा हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ व रामनाम संकीर्तन से किया।

श्रीरामचरितमानस महाग्रंथ संरक्षण अभियान समिति के संयोजक तथा वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने बुधवार को राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय को भेजे गये समिति के प्रस्ताव में श्रीरामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ के रूप में मान्यता दिलाए जाने में ट्रस्ट की ओर से संकल्प प्रस्ताव रखे जाने का अनुरोध किया। 

समिति के पदाधिकारियों ने रामभक्तों के हस्ताक्षरयुक्त प्रस्ताव के तहत कहा है कि श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा विग्रह उत्सव को और भव्य ऐतिहासिकता देने के लिए उत्सव में यह संकल्प प्रस्ताव पारित होना भारतीय संस्कृति की संरक्षा का विश्वव्यापी दूरगामी कदम होगा। 

प्रस्ताव में अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश शुक्ल द्वारा लालगंज सिविल कोर्ट में मानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित करने के साथ श्रीमद्भागवत गीता व श्री बाल्मीकि रामायण के अपमान पर नये भारतीय दण्ड संहिता कानून में इसे राजद्रोह घोषित कराने सम्बन्धित दायर किये गये प्रकीर्ण वाद का भी नैतिक समर्थन मांगा गया है। 

प्रस्ताव भेजने वालों में प्रमुख रूप से आचार्य राजेश मिश्र, स्वामी जितेन्द्र तिवारी, संयुक्त अधिवक्ता संघ लालगंज के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश, पं. बेनीलाल शुक्ला, पं. जमुना प्रसाद तिवारी, अधिवक्ता संतोष पाण्डेय, राकेश तिवारी गुडडू, वरिष्ठ अधिवक्ता विकास मिश्र, आचार्य त्रिवेणीधर शुक्ल, वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश पाण्डेय, आचार्य डा. शक्तिधरनाथ पाण्डेय, दिनेश सिंह आदि शामिल हैं।