शहीदे आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के 93 वें शहादत दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि।

इस अवसर पर भगवा चुंगी में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर, और कचहरी के निकट डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। आज डा० लोहिया का जन्म दिन भी है।
 
ग्लोबल भारत न्यूज

शहीदे आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के 93 वें शहादत दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज

प्रतापगढ़, 23 मार्च।

इस अवसर पर भगवा चुंगी में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर, और कचहरी के निकट डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। आज डा० लोहिया का जन्म दिन भी था।

माल्यार्पण करने वाले और श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख रूप से मजदूर नेता और सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत नंदन ओझा, रामसूरत, अब्दुल लतीफ, सुरेश चंद्र शर्मा, मनोज कुमार पांडे, राजकुमार सरोज आदि प्रमुख थे। 

इस दौरान माल्यार्पण करने वालों ने "शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव अमर रहें", "इंकलाब जिंदाबाद", "समाजवाद जिंदाबाद", "साम्राज्यवाद का नाश हो", पूंजीवाद हो बर्बाद", "डॉ लोहिया अमर रहें", "सांप्रदायिकतावाद मुर्दाबाद" आदि नारे लगाए गए।

माल्यार्पण के उपरांत पंचमुखी मंदिर बलीपुर प्रतापगढ़ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता विजय सिंह ने की।

इस अवसर पर मजदूर नेता हेमंत नंदन ओझा ने कहा कि वास्तव में शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह ने जिस स्वतंत्र भारत का सपना देखा था वह अब तक पूर्ण नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि आजादी में जो कुछ मिला था और हमारा संविधान, हमारा लोकतंत्र, हमारी स्वतंत्रता- सब इस देश के बड़े पूंजी पतियों के यहां गिरवी हो गई है। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार केवल  दो-चार पूंजीपति घरानों की कठपुतली होकर काम कर रही है। डॉ लोहिया ने जो समाजवादी विचारधारा और सपना देखा था उसे बहुत धक्का पहुंचा है। 

उन्होंने बताया कि डॉ लोहिया ने कहा था कि लोकतंत्र को स्वस्थ रखने के लिए जनता को प्रत्येक 5 वर्ष पर सत्ता में बदलाव करना चाहिए। पिछले 10 वर्षों से कोई बदलाव नहीं होने के कारण ही देश में मोदी सरकार तानाशाही की तरफ  बढ़ चुकी है और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। बोलने की आजादी, लिखने की आजादी, समाप्त जैसी हो गई है। 

गोष्ठी में अन्य सभी वक्ताओं ने आजादी के मूल्य की रक्षा और संविधान की रक्षा के लिए संकल्प लिया।