पूर्व सांसद जयाप्रदा केस में आज कोर्ट से आएगा फैसला, MP-MLA कोर्ट ने बीते 11 दिसंबर को रिकॉल एप्लिकेशन किया था खारिज

फ़िल्म अभिनेत्री और रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा को अदालत से नही मिली राहत, बढ़ सकती है मुश्किले
 
Jaya Prada news Rampur

रामपुर । फ़िल्म अभिनेत्री और रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही सन 2019 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में रामपुर में लोकसभा का चुनाव लड़ने वाली जयप्रदा के विरोध चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था इस मामले की सुनवाई रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में चल रही है जिस पर पिछली कई तारीखों से जयप्रदा अदालत नहीं पहुंची जिसको लेकर अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया था इस वारंट के खिलाफ जयप्रदा के वकील ने सेशन कोर्ट में अपील करते हुए वारंट रिकॉल करने की प्रार्थना की थी जिसे सेशन कोर्ट ने नामंज़ूर कर दिया और निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा। इस मामले में विस्तृत आदेश आने पर साफ होगा कि क्या जयप्रदा के वकीलों की गुहार पर अदालत ने क्या फैसला दिया है । फिलहाल इतना तो साफ है की जयप्रदा को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है और उनको अदालत में हाजिर होना ही होगा।

मामले में अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया,, जयप्रदा के विरुद्ध थाना स्वार और थाना केमरी दोनों में 2019 में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले थे उसमें ट्रायल चल रहा था पिछले तिथियो में पत्रावली 313 नियत थी जयप्रदा माननीय विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट में उपस्थित नहीं आ रही थी जिसमें न्यायालय के द्वारा एनबीडब्ल्यू पिछली तिथियां में जारी किया गया था पिछली तिथि जो की 11 दिसंबर नियत थी उस पर जयप्रदा के अधिवक्ता जो सुप्रीम कोर्ट से आए थे अजगर अली उनके द्वारा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया की एनबीडब्ल्यू रिकॉल किया जाए माननीय न्यायालय ने उनके एनबीडब्ल्यू रिकॉल की प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया गया था और आज की तिथि नियत की गई थी और एनबीडब्ल्यू पुण जारी किया गया था उस आदेश के विरुद्ध जयप्रदा के अधिवक्ता के द्वारा सेशन न्यायालय में रिवीजन दाखिल किया गया था उनके रिवीजन को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट रामपुर के द्वारा कल दिनाक़ को निरस्त कर दिया गया था और यह कहा गया था कि जो न्यायालय का आदेश है वह विधिपूर्ण है और न्यायालय को निर्देशित किया गया है कि यदि जयप्रदा न्यायालय में उपस्थित होती हैं तो विधि अनुसार कार्रवाई की जाए उनके प्रार्थना पत्र को सुना जाए उनके परिपेक्ष में आज जयप्रदा के अधिवक्ता के द्वारा प्रार्थना पत्र पुण एनबीडब्ल्यू रिकॉल कर दिया गया था लेकिन जयप्रदा उपस्थित नहीं आई थी दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियोजन को मुझे भी सुना गया और उनके अधिवक्ता को भी सुना गया और न्यायालय ने सुनने के बाद आदेश के लिए पत्रावली रख ली है अब जो भी आदेश या तो रात में पता चल जाएगा या फिर कल ही पता चल पाएगा की क्या आदेश होगा। 

यह पूछे जाने पर की अब तक कितने एनबीडब्ल्यू जारी हो चुके हैं जयप्रदा के खिलाफ इस पर अभियोजन अधिकारी ने बताया,, दो पत्रावली हैं और दोनों में लगभग चार बार हुए हैं एक में चार बार हुए हैं पिछली तिथियां में, एक में एक बार हुआ था और फिर वह रिकॉल हो गया था।

यह पूछे जाने पर की रिवीजन खारिश क्या होता है? इस पर अभियोजन अधिकारी ने बताया,, उनके प्रार्थना पत्र एनबीडब्ल्यू रिकॉल करने के लिए 11 तारीख को दिए थे उनकी रिकॉल प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए एनबीडब्ल्यू न्यायालय ने जारी किया था उस आदेश के विरुद्ध इन्होंने रिवीजन किया था कि अगर रिवीजन अलाव होता तो जो एनबीडब्ल्यू का आदेश था वह निरस्त हो जाता लेकिन अपीलीय न्यायालय ने कहा कि नहीं जो न्यायालय का 11 तारीख का आदेश है एनबीडब्ल्यू जारी करने का और आपका रिकॉल प्रार्थना पत्र निरस्त करने का वह विधि पूर्ण उसमें हस्ताक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है आप न्यायालय में उपस्थित हुई ये अपनी कार्यवाही कीजिए और विधि अनुसार लेकिन वह आज भी उपस्थित नहीं आई थी उनके द्वारा पुनः रिकॉल करने का प्रार्थना पत्र दिया गया था जिसके परिपेक्ष में दोनों पक्षों को सुना गया है न्यायालय ने अपना आदेश रखा है कल आदेश पता चल जाएगा। आगे का आदेश आने के बाद ही पता चल पाएगा अभी तक तो एनबीडब्ल्यू सतत नही  है।