सेकंड हैंड स्मार्टफोन खरीदते समय इस ट्रिक से चेक करे कही स्मार्टफोन नकली या चोरी का तो नही।।

ग्लोबल भारत न्यूज़ नेटवर्क

टेक्नोलॉजी, 16 अक्टूबर:- कई बार ऐसा होता है कि हम कोई पुराना फोन अपने किसी करीबी या किसी अनजान से ले लेते हैं। क्योंकि नए फोन को उस समय आप नहीं खरीद पाते है। इसी के चलते आप एक पुराना फोन लेते हैं। हालाँकि कई बार ऐसा भी होता है कि आप किसी अनजान से जो फोन लेते हैं वह कहीं न कहीं पुराना हो सकता है, कुलमिलाकर कई बार हम हम एक चोरी का फोन अनजाने में ही इस्तेमाल करते रहते हैं। हालाँकि कई बार आप इस पुराने और चोरी के फोन के कारण समस्या में भी आ सकते हैं। हालाँकि हम यह तो जानते है कि कोई चोरी के फोन के कारण समस्या में फंसा है लेकिन शायद हम इस बारे में नहीं जानते हैं कि किसी अन्य व्यक्ति को कैसे इस समस्या से बचाया जा सकता है, या खुद भी बचा जा सकता है, आज हम आपको बताने वाले है कि आप कैसे बड़ी आसानी से जान सकते है कि आपका फोन चोरी का है, चोरी होकर कहाँ है, या अपने फोन से जुड़ी सभी जानकरी आप बड़ी आसानी से ले सकते हैं। आइये आपको बताते हैं कि आखिर आप कैसे अपने फोन से जुड़ी सभी जानकरी ले सकते हैं।

कैसे जाने स्मार्टफोन चोरी का है या नही:- सन् 2000 के बाद भारत में टेलीकॉम सेक्टर ने जबरदस्त ग्रोथ किया है। लैंडलाइन से भारत मोबाइल फोन की तरफ बढ़ गया था। लैंडलाइन से शुरू हुआ सफर, पेजर, वायरलेस फोन से होता हुआ मोबाइल तक पहुंच गया। 2000 के पहले दशक में मोबाइल सिर्फ कॉल करने और रिसीव करने और SMS भेजने के काम आता था। धीरे-धीरे मोबाइल में कैमरा आने लगे और मोबाइल फोन फोटोग्राफी के लिए भी काम आने लगे हैं। जैसे-जैसे टेलीकॉम क्रांति भारत में अपने परचम में पहुंची है वैसे-वैसे मोबाइल फोन भी अपने स्मार्ट और हाई टेक दौर में पहुंच गए। बढ़ती तकनीक और इनोवेशन की वजह से अब मोबाइल फोन स्मार्ट हो गए हैं। स्मार्ट इसलिए क्योंकि अब मोबाइल सिर्फ कम्युनिकेशन या फोटोग्राफी के लिए इस्तेमाल नहीं हो रहे थे। मल्टी-टास्किंग के दौर में स्मार्टफोन अब कम्युनिकेशन के अलावा ऑफिस के काम निपटने और एंटरटेनमेंट के लिए लिए भी काम आने लगे हैं। आज सब जानते हैं कि आम जिन्दगी में स्मार्टफोन की क्या अहमियत है। आज लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से मोबाइल फोन खरीदते हैं। मोबाइल खरीदते समय लोग बहुत-सी बातों का ध्यान रखते हैं। मोबाइल के फीचर्स जैसे बैटरी, कैमरा, मेमोरी स्पेस, डिस्प्ले वगैरह आदि इसमें शामिल होते हैं। स्मार्टफोन क्यूंकि महंगे होते हैं तो हर ग्राहक नया स्मार्टफोन नहीं खरीद पाता है। ऐसे में वो सेकंड हैंड फोन खरीदते हैं। तब अक्सर लोग ये जानने में चूक कर जाते हैं कि फोन, नकली या चोरी का तो नहीं है? ऐसे में कई लोग बिना अधिक जानकारी के मोबाइल खरीद तो लेते हैं और बाद में दिक्कत का सामना करते हैं। इसलिए आज आपको स्मार्टफोन नकली या चोरी का तो नहीं है, ये जानने के तरीके बताएंगे?

इस तरह करें पता:- मैसेज भेजकर फोन डिवाइस की पहचान की जा सकती है। इसके लिए फोन में KYM टाइप करके स्पेस दें और 15 डिजिट वाला आईएमईआई नंबर डालें और उसे 14422 नंबर पर भेज दें। मैसेज भेजने के बाद अगर रिप्लाई में IMEI IS VALID लिख कर आता है, तो फोन चोरी का नहीं है। अगर आपको फोन का आईएमईआई नंबर नहीं पता है तो अपने फोन से *#06# नंबर डायल करें। अगर आपके फोन में दो नंबर एक्टिव हैं तो आईएमईआई नंबर भी दो आएंगे। इनमें से किसी भी आईएमईआई नंबर से आप फोन डिवाइस की जानकारी हासिल कर सकते हैं, और पता कर सकते है कि फोन चोरी का नहीं है।

दूसरा तरीका:- फोन ओरिजिनल है या नहीं यह जानने का एक तरीका और है कि आपको https://ceir.gov.in/Device/CeirIMEIVerification.jsp पर जाना होगा। फिर मोबाइल नंबर, ओटीपी और फोन का आईएमईआई नंबर डालकर अपने फोन को चेक कर लें। इससे फोन के ओरिजिनल होने का पता चल जाता है और अगर चोरी किए जाने फोन की चोरी की FIR दर्ज हुई होती है तो आईएमईआई नंबर से पता लग जाता है। आजकल स्मार्टफोन में कई तरह की ऐप्स हैं ऐसी ही एक एप है KYM- Know Your Mobile एप। इस ऐप को डाउनलोड करके फोन डिवाइस की जांच की जा सकती है। इस ऐप से फोन की सभी डिटेल्स मिल जाती हैं और आईएमईआई नंबर नहीं होता है या ब्लॉक लिखकर आता है तो इसका मतलब होता है की फोन चोरी का है।

दूर संचार विभाग ने भी सीईआईआर किया है तैयार:- आपको बता देते है कि दूरसंचार प्रौद्योगिकी केंद्र (सी-डॉट या C-DOT) ने चोरी या गुम मोबाइल का पता लगाने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर यानी CEIR) भी तैयार कर किया था। इससे चोर के हाथ में मोबाइल जाने पर उसे बंद किया जा सकेगा। इसके अलावा आपको बता देते है कि इसी नंबर पर कॉल करके आप अपने चोरी हुए नंबर की शिकायत दर्ज कर सकते हैं और अपने चोरी हुए मोबाइल फोन को वापिस भी पा सकते हैं। इसके अलावा आज हम आपको IMEI Number से जुड़ी भी सभी जानकारी देने वाले हैं, और कैसे आपको इसके माध्यम से भी आपका चोरी का फोन मिल सकता है, इस बारे में भी हम चर्चा करेंगे।

क्या होता है IMEI Number:- IMEI Number (International Mobile Equipment Identity) एक 15-डिजिट का कोड होता है, जो GSMA की ओर से अधिकृत होता है। इसे आप अपने फोन का पहचान पत्र भी कह सकते हैं। यह वैसा ही है जैसा किसी इंसान के लिए भारत जैसे देश में एक आधार कार्ड होता है। जब भी एक फोन को किसी एक नेटवर्क पर कॉल रिसीव करने, मैसेज भेजने और प्राप्त करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल होता है। उसी समय इस IMEI Number को अपने आप ही ट्रैक किया जा सकता है। हालाँकि इसके अलावा कुछ लोग अपने फोंस में ब्लूटूथ ट्रैकर GPS लोकेटर का भी इस्तेमाल करते हैं जिसके माध्यम से स्मार्टफोन को लोकेट किया जा सकता है। लेकिन ऐसा करना आपके मोबाइल फोन को एक निश्चित दायरे में ही सिमेट देता है। आप इसे कुछ दूरी तक ही ऐसा करने से ट्रैक कर सकते हैं। अब मान लीजिये अगर आपका फोन आपसे लगभग 10 मीटर की दूरी पर है तो आपको एक IMEI Number के माध्यम से ही अपने फोन को ट्रैक कर सकते हैं।।