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रूस से तेल बंद होने पर भी भारत तैयार, अब 40+ देशों से आ रहा कच्चा तेल

भारत को नहीं रुकेगा तेल: रूस पर पाबंदी के बाद भी तैयार है देश

भारत ने रूस पर संभावित प्रतिबंधों को देखते हुए तेल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोत तैयार किए हैं। जानिए कैसे भारत ने बनाई रणनीति ऊर्जा सुरक्षा की।


भारत और तेल की जरूरत

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है। देश की ऊर्जा जरूरतों का 85% हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा होता है। इसमें से 30% से अधिक आयात हाल के वर्षों में रूस से किया गया है। ऐसे में अगर अमेरिका और पश्चिमी देश रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाते हैं, तो क्या भारत की तेल आपूर्ति खतरे में पड़ सकती है?

इस सवाल का जवाब अब स्पष्ट है — नहीं। भारत तैयार है।


रूस से तेल आयात की स्थिति

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर अंतरराष्ट्रीय पाबंदियां बढ़ी हैं, लेकिन भारत ने रूस से रियायती दर पर भारी मात्रा में तेल खरीदा। इससे देश को काफी आर्थिक लाभ हुआ।

2024 तक के आंकड़े:

  • भारत का 35% तक तेल आयात रूस से
  • सस्ती कीमतों पर खरीद
  • रिफाइनरियों को सीधे लाभ

लेकिन अब अमेरिका और यूरोपीय यूनियन नए प्रतिबंधों की बात कर रहे हैं, जिससे यह सवाल उठा: क्या भारत को तेल संकट का सामना करना पड़ेगा?


भारत की रणनीति: बहु-स्रोत नीति

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा,

“भारत अब 40 से अधिक देशों से तेल मंगवा रहा है, जबकि पहले ये संख्या सिर्फ 27 थी। हम तैयार हैं, चाहे रूस से आपूर्ति कम हो या बंद हो।”

वैकल्पिक देश जिनसे भारत आयात कर रहा है:

देश भूमिका
ब्राज़ील भारी मात्रा में कच्चा तेल
गयाना नया उभरता तेल उत्पादक
अमेरिका LNG और हल्का कच्चा तेल
सऊदी अरब पारंपरिक सहयोगी
यूएई दीर्घकालिक अनुबंध
कनाडा रणनीतिक साझेदार

घरेलू उत्पादन पर ज़ोर

सरकार अब घरेलू उत्पादन को भी प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं:

  • ONGC और OIL को नए प्रोजेक्ट्स दिए गए
  • बेहतर तकनीक जैसे फ्रैकिंग और डीप सी ड्रिलिंग को बढ़ावा
  • निजी कंपनियों को प्रवेश की अनुमति

उद्देश्य:

2030 तक घरेलू उत्पादन को 50% तक बढ़ाना।


वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की भूमिका

रूस पर प्रतिबंधों का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा, लेकिन भारत पहले से ऊर्जा कूटनीति (Energy Diplomacy) को प्राथमिकता दे रहा है।

भारत की पहलें:

  • इंडिया-गुल्फ एनर्जी डायलॉग
  • भारत-लैटिन अमेरिका तेल सहयोग
  • इंडिया-अफ्रीका ऊर्जा समझौते

भारत की रिफाइनिंग क्षमता – आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

भारत में रिफाइनिंग सेक्टर दुनिया में चौथे नंबर पर आता है। कुल रिफाइनिंग क्षमता 250+ मिलियन टन प्रति वर्ष है।

बड़े रिफाइनरी हब:

  • जामनगर (Reliance) – दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी
  • नुमालीगढ़ (नॉर्थ ईस्ट) – विस्तार पर
  • बटनिया (HPCL) – बढ़ते निवेश

इन रिफाइनरियों ने रूस के भारी ग्रेड क्रूड को प्रोसेस करने की क्षमता विकसित की है और अब वे किसी भी वैकल्पिक ग्रेड को प्रोसेस कर सकती हैं।


क्यों भारत को फायदा हो रहा है?

  • रियायती तेल से विदेशी मुद्रा की बचत
  • ईंधन की कीमतें नियंत्रण में
  • रिफाइनरी मार्जिन बढ़ा
  • निर्यात में बढ़ोतरी

लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट – चोक पॉइंट्स से बचाव

भारत अब ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए नए समुद्री मार्गों और टर्मिनलों पर काम कर रहा है:

  • चाबहार पोर्ट के ज़रिए मध्य एशिया तक पहुंच
  • कांडला, पारादीप जैसे टर्मिनल्स का आधुनिकीकरण
  • अफ्रीका से LNG आयात के लिए नए टर्मिनल

दीर्घकालिक रणनीति – ऊर्जा का विविधीकरण

सरकार केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहती। इसलिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी ज़ोर दिया जा रहा है:

स्रोत लक्ष्य 2030 तक
बायोफ्यूल 20% मिश्रण पेट्रोल में
सोलर एनर्जी 300 GW
हाइड्रोजन फ्यूल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन

राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा

ऊर्जा केवल आर्थिक मुद्दा नहीं है, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय भी बन चुका है। भारत अब ‘स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व’ भी भर रहा है ताकि किसी संकट में 90 दिनों तक तेल की आपूर्ति बनी रहे।

कहां है रिजर्व?

  • विशाखापट्टनम
  • मैंगलोर
  • पाडूर

हरदीप पुरी का बयान – आत्मनिर्भर ऊर्जा नीति की पुष्टि

“हम अपनी जरूरत का तेल कहीं से भी ला सकते हैं। अब भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं है।”


निष्कर्ष: भारत तैयार है

रूस पर प्रतिबंध की स्थिति में भी भारत के पास अब विकल्प हैं। घरेलू उत्पादन, नई साझेदारियां, लॉजिस्टिक्स सुधार और रिफाइनिंग क्षमता ने भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बना दिया है।

भारत का संदेश स्पष्ट है:
“हमारी ऊर्जा सुरक्षा किसी एक देश पर निर्भर नहीं। भारत अब ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक ताकत बन रहा है।”


आप क्या सोचते हैं?

क्या आपको लगता है कि भारत को अब पूरी तरह ऊर्जा आत्मनिर्भर बन जाना चाहिए? नीचे कमेंट करें और अपनी राय दें।

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