एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026
मुख्य अतिथि श्री दिलीप अग्निहोत्री, राज्य सूचना आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा जिम्मेदार नागरिकों और प्रगतिशील समाज के निर्माण की आधारशिला है।

एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026
ग्लोबल भारत न्यूज
लखनऊ, 3 सितंबर
मुख्य अतिथि श्री दिलीप अग्निहोत्री, राज्य सूचना आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा जिम्मेदार नागरिकों और प्रगतिशील समाज के निर्माण की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि तकनीक और AI नए अवसर प्रदान कर रहे हैं, लेकिन इनका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग आवश्यक है। विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, नैतिकता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जानी चाहिए।
शिक्षक दिवस के पूर्व एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन और मर्सिडीज़-बेंज़ T&T मोटर्स लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों, अकादमिक नेतृत्वकर्ताओं एवं करियर गाइडेंस विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन समारोह से हुआ। इसके पश्चात सुश्री पिहू द्विवेदी द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
डॉ. शक्ति कुमार पाण्डेय, निदेशक, एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन ने स्वागत संबोधन में शिक्षकों एवं शिक्षाविदों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा भावी पीढ़ी के निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित किया जाना आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि श्री सौमित्र गौर, मर्सिडीज़-बेंज़ T&T मोटर्स लखनऊ ने सम्मानित होने वाले शिक्षाविदों एवं प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए कहा कि अगली पीढ़ी के मजबूत भविष्य की नींव तैयार करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा में नवाचार, तकनीक, कौशल एवं मूल्यों के महत्व पर जोर दिया तथा शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं को सम्मानित करने की एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन की पहल की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि श्री गौरव प्रकाश ने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में प्रधानाचार्यों की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य सरकारी पहलों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा सकते हैं, जिससे शिक्षा संबंधी सुधार प्रभावी रूप से विद्यार्थियों तक पहुंच सकें। उन्होंने Gen Z की बदलती जरूरतों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यालयों को विद्यार्थियों को तकनीक आधारित भविष्य के लिए तैयार करना होगा।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उल्लेख करते हुए कहा कि AI शिक्षण एवं सीखने की प्रक्रिया में सहायक हो सकता है, लेकिन विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों, अनुशासन और उचित मार्गदर्शन देने में शिक्षक की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।
विशिष्ट अतिथि सुश्री समिता सिंह बफीला, कार्यकारी निदेशक – हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार, तकनीक एवं संचार कौशल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संस्थानों को AI और डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को विकसित करना होगा, लेकिन शिक्षा के केंद्र में विद्यार्थी और मानवीय मूल्य सदैव बने रहने चाहिए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 का वितरण रहा। विद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से जुड़े प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत नेतृत्व एवं विद्यार्थी विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में सम्मानित होने वालों में श्री गैरी डोमिनिक एवरेट, प्रधानाचार्य, ला मार्टिनियर बॉयज; सुश्री सोमा चंद्रा, प्रधानाचार्य, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, विशाल खंड, गोमती नगर; डॉ. मंजुला गोस्वामी, प्रधानाचार्य, द मिलेनियम स्कूल; सुश्री गुंजन साहनी, प्रधानाचार्य, DPS एल्डेको; सुश्री दिव्या सिंह, प्रधानाचार्य, सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, गोमती नगर एक्सटेंशन; सुश्री गुंजन दनानी, प्रधानाचार्य, सेठ आनंद राम जयपुरिया स्कूल, आलमबाग कैंपस; सुश्री मधुलिका अग्रवाल, प्रधानाचार्य, कुनस्कैप्सकोलान; डॉ. मांडवी त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, लखनऊ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल; सुश्री पूजा सिंह, प्रधानाचार्य, द गुरुकुलम स्कूल; डॉ. प्रेरणा मित्रा, प्रधानाचार्य, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, वृंदावन योजना; डॉ. धीरज मेहरोत्रा, वाइस प्रेसिडेंट, GEMS Education India; सुश्री रचना मिश्रा, प्रधानाचार्य, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, विराज खंड; डॉ. विभा आहूजा, प्रधानाचार्य, बिड़ला ओपन माइंड्स स्कूल; श्री रुद्रेन्द्र बसाक, प्रधानाचार्य, जागरण पब्लिक स्कूल; सुश्री अंजना स्वामी, प्रधानाचार्य, अखिलेश दास गुप्ता स्कूल; सुश्री पूनम अरोड़ा, प्रधानाचार्य, सेठ एम. आर. जयपुरिया, वृंदावन योजना; सुश्री प्रेरणा त्रिपाठी, करियर गाइडेंस एक्सपर्ट; सुश्री सिंधु तिवारी, करियर गाइडेंस एक्सपर्ट; सुश्री मितुशी नेगी, प्रधानाचार्य, सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, बाराबंकी; तथा सुश्री आशा यादव, प्रधानाचार्य, सनबीम स्कूल शामिल रहीं।
विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र से सम्मानित होने वालों में प्रो. (डॉ.) अल्पना श्रीवास्तव, निदेशक, एमिटी बिजनेस स्कूल, एमिटी यूनिवर्सिटी; डॉ. पूजा वर्मा, निदेशक, एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी; डॉ. ऋतु नारंग, विभागाध्यक्ष, MBA, लखनऊ विश्वविद्यालय; प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी, कुलपति, श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी; प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह, प्राचार्य, नेशनल पी.जी. कॉलेज; प्रो. (डॉ.) प्रतुल अरविंद, निदेशक, बाबू बनारसी दास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट; डॉ. विवेक कुमार सिंह, निदेशक – इंजीनियरिंग, बाबू बनारसी दास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट; डॉ. शैल मिश्रा, निदेशक, IISE ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस; तथा प्रो. बीना राय, प्राचार्य, अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज शामिल रहीं।
सभी सम्मानित शिक्षाविदों को शिक्षा, संस्थान निर्माण, नवाचार, करियर मार्गदर्शन एवं विद्यार्थी विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन श्री सौमित्र गौर, मर्सिडीज़-बेंज़ T&T मोटर्स लखनऊ के आभार ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा एवं सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने सहभागिता की और शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों एवं शिक्षाविदों के अमूल्य योगदान का सम्मान किया गया।



