भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर हुआ मनगढ़ धाम, हजारों अनुयायियों ने फूलों और गुलाल से खेली होली
भजन-कीर्तन, जयकारों और फूलों की वर्षा के बीच मना रंगों का उत्सव, दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

होली के पावन पर्व पर जगदगुरु कृपालु धाम मनगढ़ में आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां हजारों की संख्या में पहुंचे अनुयायियों और श्रद्धालुओं ने पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ फूलों और रंग-गुलाल से होली खेलते हुए पर्व को भव्य रूप से मनाया। पूरे धाम परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और वातावरण राधा-कृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा।
धाम में आयोजित होली उत्सव के दौरान भक्तिमय भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। जैसे ही फूलों की होली शुरू हुई, वैसे ही पूरा परिसर रंगों और फूलों की खुशबू से महक उठा। अनुयायी एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा करते हुए और गुलाल लगाते हुए होली की बधाई देते नजर आए। हर तरफ भक्तों के चेहरे पर उत्साह और आस्था साफ दिखाई दे रही थी।
कार्यक्रम के दौरान कई जगहों पर भजन मंडलियों ने राधा-कृष्ण की होली से जुड़े भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरा माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु नृत्य करते हुए भक्ति रस में डूबे नजर आए। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सभी ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
धाम में आए श्रद्धालुओं का कहना था कि मनगढ़ धाम की होली केवल रंगों का पर्व नहीं बल्कि भक्ति और प्रेम का प्रतीक है। यहां फूलों की होली खेलते समय ऐसा अनुभव होता है जैसे ब्रज की होली का साक्षात दर्शन हो रहा हो।
दूर-दराज के जिलों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त इस उत्सव में शामिल होने पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ।
भक्ति, प्रेम और उल्लास से भरे इस अनूठे होली उत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मनगढ़ धाम में मनाई जाने वाली होली श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आनंद का एक अद्भुत संगम है। इस दौरान राजीव तनेजा, हिरण्यमय चटर्जी, अंशुल गुप्ता, विमलेश त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।



