ब्रेकिंग
बाबा भयहरणनाथ में 13 वाँ सामाजिक सत्याग्रह आज 7 जून को। कांग्रेस कमेटी की प्रतापगढ़ में मासिक बैठक सम्पन्न हुई। भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्यसमिति की आनलाइन बैठक सम्पन्न हुई। जब कर्मचारी पर टूटा तूफान का कहर, तब फरिश्ता बनकर खड़ा हुआ सीएचसी कुंडा परिवार आगामी 15,16 एवं 17 सितंबर 2026 को आयोजित होगा 'अजगरा महोत्सव'। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनेश्वर मिश्र पार्क में कार... प्रभारी मंत्री ने 05 जून से 21 जून तक आयोजित कार्यक्रमों की तैयारियों के सम्बन्ध में की बैठक गर्मी की छुट्टियां चढ़ी जनगणना की भेंट आखिर गृह कार्य कब संभालेंगे शिक्षक गण प्रतापगढ़ के प्रभारी मंत्री का जनसत्ता दल के पदाधिकारियों द्वारा स्वागत। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का प्रांतीय सम्मेलन बर्फानी आश्रम अमरकंटक में संपन्न।
Uncategorizedउत्तरप्रदेशप्रयागराज

मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा निलम्बन की कार्रवाई के खिलाफ लेखपालों का धरना

जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराज जिलाधिकारी ने दिया था निलंबन का आदेश

मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा निलम्बन की कार्रवाई के खिलाफ लेखपालों का धरना

जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराज जिलाधिकारी ने दिया था निलंबन का आदेश

प्रयागराज/कोरांव, जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और आई जी आर एस की शिकायतों में गंभीरता न दिखाने वाले विभिन्न तहसीलों के 16 लेखपालों के निलंबन की कार्यवाई के खिलाफ कोरांव में आज लेखापाल संघ ने विरोध जताते हुए धरना दिया। जिलाधिकारी प्रयागराज के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी ने 16 लेखपालों को कार्य शिथिलता में निलंबित किया है। उधर लेखपाल संघ भी इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।
अहिल्याबाई होलकर की जयंती में शामिल होने आए सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से भी स्थानीय लोगो ने शिकायत दर्ज कराया था की स्थानीय लेखपालों के रवैए से लोगो को सफर करना पड़ रहा है।
आई जी आर एस में कार्य लापरवाही के चलते उच्च अधिकारियों की फजीहत हो रही थी। यही नहीं आरोप तो यह भी लगते रहे है की स्थानीय होने के नाते लेखपाल अपनो को नियम विरुद्ध फायदा भी पंहुचा रहे है। दर्जनों की संख्या में इसे मामले प्रकाश में आए है उनकी शिकायत भी हुई है लेकिन एडीएम स्तर से लापरवाही लोगो के लिए दुख का कारण बन जाती है।
अधिवक्ता एवं पत्रकार बब्बन बागी से इस विधय पर वार्ता हुई तो उनका आरोप है की इसी तहसील के रहने वाले कई लेखपाल अपने आसपास सिंडीकेट बनाकर काम कर रहे है और लगातार गलत तरीके से सरकारी भूखंडों, तालाबों आदि में फर्जी रिपोर्ट के आधार पर कब्जे किए जा रहे है। अगर किसी वादकारी ने इनसे ज्यादा कानून बताया तो उसके साथ लेखपालों द्वारा मारपीट झगड़ा जैसी हरकते भी की जाती है। इन्ही सब के चलते कोरांव के दो लेखपालों का भी निलंबन हुआ तो लेखपाल संघ विरोध प्रदर्शन कर रहा है तो क्या अब जिलाधिकारी के निर्णय के खिलाफ जा रहे है कोरांव के लेखपाल।

Vinod Mishra

सामाजिक सरोकारो पर सीधी पकड़ और बेबाक पत्रकारिता के लिए समर्पित...ग्लोबल भारत न्यूज़ संस्थान के लिए सेवा

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button