कुंडा में आखिर न्यायालय के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं करवा पा रहा राजस्व विभाग
कुंडा नगर पंचायत में लगातार हो रहा तालाब पर निर्माण प्रदेश सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करवा रहे उनके अफसर

आखिर न्यायालय के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं करवा पा रहा राजस्व विभाग
कुंडा नगर पंचायत में लगातार हो रहा तालाब पर निर्माण प्रदेश सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करवा रहे उनके अफसर
प्रतापगढ़, न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद उसका अनुपालन न करवा पाना कार्यपालिका पर बड़ा सवाल है और उस पर कार्यवाइयों के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति उससे भी बड़ी कार्यिक अव्यवस्था कही जा सकती है। नगर पंचायत कुंडा में लगातार तालाबों पर अतिक्रमण होने की खबर आए दिन मीडिया की सुर्खियों में होती है। सोशल मीडिया के इस दौर में किसी बात को छुपाना अब दूर की कौड़ी है लेकिन सवाल ये है कि सूचना और निर्देश के बाद भी कोई प्रभावी रोकथाम दिखाई नहीं पड़ रही है। कुंडा कस्बे का सरयू नगर का बड़ा हिस्सा वैसे तो तालाब पर ही बना हुआ है और इसी तालाब के एक हिस्से पर बने दर्जनों मकान न्यायालय के निशाने पर है बावजूद इसके नए निर्माण का होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करने के लिए काफी है।
एक व्यापारी के निर्माण पर तहसील प्रशासन ने रोक लगाई लेकिन चंद दिनों के बाद उस मकान का निर्माण पुनः शुरू कर दिया जिससे सुर्खियां एक बार फिर चर्चा में है। आखिर किस राहत पैकेज के तहत एसडीएम कुंडा के अपने ही आदेश का अनुपालन उनके अधीनस्थ नहीं करवा पा रहे है ये एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब शायद ही कोई देने को तैयार होगा।
ग्लोबल भारत की टीम ने कल मौके पर जाकर मामले की सच्चाई को करीब से देखा तो इसका निर्माण बदस्तूर जारी यहां कुछ सवाल है जिन पर गौर करना चाहिए
• निर्माण के पहले चरण में जब उपजिलाधिकारी कुंडा ने रोक लगा दिया था तो निर्माणाधीन भवनों का ग्राउंड फ्लोर बनकर कैसे तैयार हो गया।
• क्या एसडीएम के अधीनस्थ कर्मचारियों ने इसकी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई थी कि रोक के बावजूद निर्माण जारी है।
• रोक के बावजूद दूसरी मंजिल का निर्माण ये बताता है कि या तो साहब के आदेशों को हल्के में रहे है निर्माणकर्ता या उनके अधीनस्थ उन्हें गुमराह करके निर्माण करवा रहे है
• क्या उच्च न्यायालय के आदेश को भी दरकिनार कर के काम किया जा रहा क्या न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की यह स्थिति संवैधानिक अव्यवस्था नहीं कही जाएगी
योगी सरकार डिजिटल विज्ञापनों में सरकारी जमीनों को हर हालत में खाली करवाने का दम भरी रही है। लेकिन कुंडा तहसील में शायद उनके आदेशों को हवा में लिया जा रहा है। सरकारी कर्मचारियों को क्या उनके इस अभियान मेंकोई रुचि नहीं है या अब वो भी समझ गए है कि कई मोर्चों पर घिरी सरकार इसकी जमीनी हकीकत नहीं खंगाल पाएगी कि सरकार और न्यायालय के आदेशों का अनुपालन हो रहा है नहीं। वरिष्ठ अधिवक्ता



