प्रतापगढ़ के पाषाणकालीन स्थल सराय नाहरराय में दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और प्रोफेसर्स का दल पहुंचा।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय, हंसराज कॉलेज के एल्यूमनाई एवं वर्तमान में प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर जी उपस्थित रहे।

प्रतापगढ़ के पाषाणकालीन स्थल सराय नाहरराय में दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और प्रोफेसर्स का दल पहुंचा।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
प्रतापगढ़, 31 मार्च।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय, हंसराज कॉलेज के एल्यूमनाई एवं वर्तमान में प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर जी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के जनपद प्रतापगढ़ में गांव सराय नहर राय जो कि पाषाण युग के अंतिम चरण से संबंधित एक पुरातात्विक स्थल है। यहां से भारतीय उपमहाद्वीप में मानव कंकाल के सबसे प्राचीन (लगभग 10000 वर्ष) अवशेष प्राप्त हुए हैं।
इस पुरातात्विक स्थल पर आज दिनांक 31 मार्च 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के 50 छात्रों का शैक्षणिक विजिट कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोक्टर एवं मानव शास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर आदरणीय मनोज सिंह जी ने की।
दिल्ली विश्वविद्यालय से आए हुए सभी विद्यार्थियों एवं प्रोफेसर्स की टीम के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक श्रीमान दीपक भूकर जी एवं प्रतापगढ़ के विभाग प्रचारक श्रीमान ओमप्रकाश जी का सभी ग्राम वासियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया एवं आए हुए सभी छात्र-छात्राओं के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया।
प्रोफेसर मनोज सिंह के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय से आई हुई शैक्षणिक टीम में डॉक्टर प्रभांशु ओझा सहायक प्राध्यापक हंसराज कॉलेज ने कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन किया। डॉ ओझा इसी गांव के मूल निवासी भी हैं।
उनके साथ में आए हुए डॉ पीयूष द्विवेदी, सहायक प्राध्यापक हंसराज कॉलेज एवं डॉक्टर कौशलेंद्र तिवारी, सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग कालिंदी कॉलेज जी ने भी कार्यक्रम के महत्व एवं इस पुरास्थल की ऐतिहासिकता पर अपने विचार व्यक्त किये।
डॉ हनुमान सिंह जी डॉ अभिषेक यादव जी ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान किया। सराय नाहरराय गांव के गणमान्य जनों एवं अन्य कई ग्राम सभाओं के ग्राम प्रधान के साथ पर्वतपुर गांव के प्रधान श्री राजेंद्र प्रताप सिंह एवं सतीश यादव जी ने सभी के साथ अपने विचार साझा करते हुए कार्यक्रम में अपनी सहयोगात्मक भूमिका अदा की।
इस कार्यक्रम में प्रतापगढ़ के सम्मानित अधिवक्ता श्रीमान वैभव पांडेय की भी महत्वपूर्ण भूमिका एवं उपस्थिति रही।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्वतपुर निवासी श्री सुशील पांडे, कृपाशंकर ओझा, श्रवण कुमार ने उत्साहपूर्वक सभी व्यवस्थाओं को संभाला।
पुलिस अधीक्षक श्रीमान दीपक जी ने सभी बच्चों के साथ परस्पर संवाद करते हुए इस ऐतिहासिक पुरास्थल की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। आदरणीय प्रोफेसर मनोज सिंह जी ने सराय नाहरराय में एक म्यूजियम स्थापित करने का अपना प्रस्ताव सबके समक्ष रखा।
सभी ग्राम वासियों ने आए हुए सभी अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं के लिए स्वदेशी व्यंजन लिट्टी चोखा एवं दाल चावल की व्यवस्था दोपहर के भोजन के लिए की थी।
50 छात्र छात्राओं की टीम में भारत के विभिन्न प्रांतो के लोग मौजूद थे। उनके लिए ग्रामीण भारत का यह अनुभव बहुत ही सुखद रहा। सभी ने ऐतिहासिक पुरास्थल के प्रति अपनी जिज्ञासाओं को शांत करते हुए सभी ग्राम वासियों के लिए आभार व्यक्त किया।


