राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विराट पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
संघ शताब्दी वर्ष एवं हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रतापगढ़ के तत्वाधान में प्रतापगढ़ नगर में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज से विराट पथ संचलन निकाला गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विराट पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
प्रतापगढ़, 29 मार्च।
संघ शताब्दी वर्ष एवं हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रतापगढ़ के तत्वाधान में प्रतापगढ़ नगर में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज से विराट पथ संचलन निकाला गया।
इसमें प्रतापगढ़ जिले के विभिन्न खंडो व नगर से आए पूर्ण गणवेश धारी स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। स्वयंसेवक सफेद शर्ट खाकी पेंट काली टोपी हाथ में दंड लेकर अनुशासित पंक्तियों में कदमताल करते हुए चल रहे थे। संचलन राजकीय इंटर कॉलेज से निकलकर चौक घंटाघर, भगवा चुंगी, ट्रेजरी चौराहा, छत्रपति शिवाजी तिराहा होते हुए पुनः राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचकर पूर्ण हुआ।
हिंदू समाज द्वारा जगह-जगह पर स्वयंसेवकों के ऊपर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। संचलन में बाल, तरुण और स्वयंसेवकों की भारी संख्या दिखी जो संघ के घोष पर कदम से कदम मिलाते हुए चल रहे थे।
पथ संचलन से पूर्व कार्यक्रम स्थल पर राजकीय इंटर कॉलेज में मुख्य वक्ता काशी प्रांत के आदरणीय प्रांत कार्यवाह श्री मुरली पाल जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ।
मंचासीन अतिथिगण विभाग संघ चालक श्री रमेश जी, जिला संघ चालक चिंतामणि जी एवं प्रांत कार्यवाह मुरली पाल जी रहे। मंच परिचय जिला कार्यवाह हेमंत कुमार द्वारा कराया गया। एकल गीत रामेंद्र जी एवं अमृत वचन आरव जी ने किया।
बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए काशी प्रांत के प्रांत कार्यवाह मुरलीपाल जी ने कहा कि शून्य से शतक की यात्रा करने वाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समूचे विश्व में सामाजिक सद्भाव के आधारशिला पर समाज को उत्कर्ष करने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं ने सनातन की रक्षा के लिए अपने प्राणों को तथा तन मन धन को अनुसार कर दिया है। भारत विश्व गुरु था यह केवल कपोल कल्पित नहीं है जबकि पूरी दुनिया में कोई ग्रंथ नहीं था उस समय भारत में ऋग्वेद सहित चार वेद उपलब्ध थे यह वेद ही भारत के ग्रंथ की विश्व को एक संविधान को परिलक्षित करते हैं। यही नहीं उन्होंने बताया कि यह वही भूमि है जहां पर देवता भी जन्म लेने के लिए तरसते हैं उन्होंने अपने वक्तव्य में ब्रह्म पुराण के श्लोक का भी वाचन किया भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं है या भारत माता है जब हम सुबह उठते हैं तो भारत माता को प्रणाम करते हैं इसलिए हम इसे भारतीयता की सर्वोच्च संस्कृति मानते है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आदरणीय विभाग प्रचारक ओमप्रकाश जी, विभाग कार्यवाह हरीश, जिला प्रचारक प्रवीण, विभाग प्रचार प्रमुख प्रभा शंकर, विभाग कुटुंब प्रबोधन प्रमुख रघुवीर, प्रांत घुमंतू प्रमुख शशिभाल, जिला संघचालक अशोक, सह जिला कार्यवाह संतोष, जिला प्रचार प्रमुख अंकुर श्रीवास्तव, जिला सेवा प्रमुख, राजेश जायसवाल शिव प्रसाद, डॉक्टर रंगनाथ, नीतेश, ओमप्रकाश जिला बौद्धिक प्रमुख शेषमणि जिला शारीरिक प्रमुख संतराम जिला सह शारीरिक प्रमुख आशीष, जिला घोष प्रमुख उमंग, अनंत , संतोष, विनोद कार्तिकेय, डॉक्टर सौरभ पाण्डेय, जिला हीरेंद्र, सौरभ प्रभात, अनूप, विभांशु, नगर कार्यवाह अंकित श्रीवास्तव, राघवेंद्र सिंह, दीपक, अशोक, अल्केश, राजकुमार, विनीत, सतीश, नगर प्रचारक विवेकानंद, रवि, सदर, आशीष कृष्ण देव, नीरज, चंद्रभूषण मुकेश, सुनील, शारदा, अविनाश अरुणेश, श्याम किशोर, उमेश, रत्नेश, हरिशंकर, गौरव, राम केवल, वीरेंद्र, बिपिन, सुभाष सुरेंद्र, संजीव, अजय प्रताप, शिवेंद्र, कुल भास्कर, पुनीत, पीसी, अशोक राय, ध्रुव शर्मा, अजय पांडे, शिव सोनी, वीरेंद्र सिंह, विहिप जिलाध्यक्ष नागेंद्र मिश्रा, रविसेन, मनीष, अनिल कुमार, रमेश पटेल, नीरज अग्रहरि आदि स्वयंसेवक उपस्थित रहे।



