ऐसे ही न सौ पढ़ा, न प्रतापगढ़ा नहीं कहा जाता : मुकेश शुक्ला
जल्द ही प्रतापगढ़ में दिव्यांगों के खेल प्रतिस्पर्धा एवं उनके प्रशिक्षण के लिए सेंटर बनेगा : मुकेश शुक्ला

उद्योग एवं रोजगार के साधन का आभाव ही प्रतापगढ़ के पिछड़ेपन का मूल कारण

प्रतापगढ़ : स्पेशल ओलम्पिक भारत के चेयरमैन मुकेश शुक्ला नें जनपद भ्रमण किया और इस दौरान उन्होंने जनपद की वास्तविक समस्याओं से रूबरू होने के लिए लोगों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि जनपद उद्योग और रोजगार से अछूता है जो यहाँ कि असीमित क्षमताओं को कमजोर कर रखा है। यहाँ दिव्यांगों के लिए स्पोर्ट स्टेडियम अथवा प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष सेंटर स्थापित किए जाने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि स्थाई दिव्यांग और अस्थाई दिव्यांग दोनों को मिलाकर लगभग देश कि कुल जनसंख्या का 10 फीसदी आबादी है जो व्यवस्थाओं के आभाव में मानसिक रूप से कमजोर हो गए हैं। ऐसे में शासन से उन्होंने उनके प्रोत्साहन का आग्रह करते हुए जनपद में जल्द सेंटर स्थापित करने हेतु कहा है।
प्रतापगढ़ के लोगों में असीमित क्षमताएं

मुकेश शुक्ला नें बताया कि अवसर न मिल पाने कि वजह से यहाँ के लोगों में नीरसता है जबकि प्रतापगढ़ लोगों नें हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। यहाँ के लोगों नें न केवल महानगरों में बल्कि देश विदेश में अपनी क्षमताओं को सिद्ध किया है। ऐसे ही न सौ पढ़ा, न प्रतापगढ़ा नहीं कहा जाता बल्कि अवसर के आभाव में समस्याओं नें जन्म लिया है जिसे दूर करने के लिए जनपद में जल्द ही प्रतिस्पर्धा से जुड़ने हेतु अवसर कि व्यवस्था सुनिश्चित की जाएंगी।
मुकेश शुक्ला प्रतापगढ़ हैं मूल निवासी

स्पेशल ओलम्पिक भारत के चेयरमैन मुकेश शुक्ला मूलतः प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र के बाबागंज विकास खंड के झींगुर गाँव के रहने वाले हैं जो भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति के सक्रिय कार्यकर्ताओं में से एक हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। जिन्हे उत्तर प्रदेश सरकार नें सर्वश्रेष्ठ सम्मान से भी सम्मानित किया है।


