उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता दी गई।
विभिन्न योजनाओं के अनुसार पात्रों को श्रमिक नेता तथा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण मजदूर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त नन्दन ओझा की उपस्थिति में सहयोग राशि दी गई।

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आर्थिक सहायता दी गई।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
प्रतापगढ़, 10 सितंबर।
विभिन्न योजनाओं के अनुसार पात्रों को श्रमिक नेता तथा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण मजदूर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त नन्दन ओझा की उपस्थिति में सहयोग राशि दी गई।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत ये श्रमिक पंजीकृत थे। तथा ये जनपद प्रतापगढ़ में विभिन्न विद्युत उपकेन्द्रों पर कार्यरत थे और उनकी मृत्यु असामयिक रूप से अथवा कार्य स्थल पर घटित दुर्घटना के फलस्वरुप हो गई थी।
मृतक श्रमिकों के नाम क्रमशः बजरंग बहादुर यादव ,राजकिशोर पाल, राजेश कुमार, और प्रमोद कुमार था। उनके परिजनों को क्रमशः 5-5 लाख स्वर्गीय बजरंग बहादुर यादव और राजकिशोर पाल, जिनकी मृत्यु दुर्घटना के फलस्वरूप हुई थी, तथा श्रमिकों राजेश कुमार एवं प्रमोद कुमार परिजन को क्रमशः 2-2 लाख को सावधि का अभिलेख बैंक से बनवाकर उपलब्ध कराया गया।
दिनांक 10 सितंबर 2024 को पलटन बाजार स्थित श्रम कार्यालय में सहायक श्रम आयुक्त द्वारा श्रीमती रेणु देवी पत्नी स्वर्गीय राजेश कुमार, श्रीमती रंजना देवी पत्नी स्वर्गीय प्रमोद कुमार, को 2-2 लाख का सावधि जमा संबंधित अभिलेख दिया गया।
श्रमिक परिवारों के परिजनों की ओर से सहायक श्रम आयुक्त मोहम्मद अब्बास एवं श्रमिक नेता हेमंत नंदन ओझा के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि ऐसे श्रमिक जो निर्माण तथा उससे जुड़े हुए 40 प्रकार के कार्यों में संलग्न हैं, उनका पंजीयन उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत श्रमिकों को स्वयं करना होता है और प्रत्येक वर्ष नियम से अपना अंशदान जमा करना होता है।
ऐसे श्रमिक उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधीन संचालित विभिन्न योजनाओं के पात्रता के अनुसार पात्र होते हैं।
श्रमिक नेता हेमन्त नन्दन ओझा ने इस अवसर पर कहा कि श्रमिकों की मृत्यु करीब 5 वर्ष पूर्व में हो गई थी, किंतु तत्कालीन समय में इन श्रमिकों के परिजनों को हित लाभ नहीं मिल सका था। संगठन के प्रयासों से हित लाभ का वितरण हो सका है।
उन्होंने सहयोग के लिए उन्होंने अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।



