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वृद्धजनों का सम्मान उनकी सेवा करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है– शांभवी सचिव

अधिवक्ता परिषद के सेवा दिवस पर वृद्धाश्रम महुली में हुआ सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम

अधिवक्ता परिषद के सेवा दिवस पर वृद्धाश्रम महुली में हुआ सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम

गौरव तिवारी ब्यूरो चीफ प्रतापगढ़

प्रतापगढ़। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के 35वें स्थापना दिवस “सेवा दिवस” के अवसर पर अधिवक्ता परिषद अवध प्रतापगढ़ इकाई द्वारा वृद्धाश्रम महुली में वृद्धजनों के सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/ सिविल जज सीनियर डिवीजन शांभवी व मुख्य वक्ता के रूप में अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत की प्रदेश महामंत्री मीनाक्षी परिहार सिंह मौजूद रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य विष्णु दत्त त्रिपाठी के मुखारविंद से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ।इस मौके पर अतिथियों द्वारा दत्तोपंत ठेंगड़ी व भारत माता तथा देवी देवताओं के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित, पुष्प अर्पित किये तथा वंदे मातरम का गायन किया। इस दौरान वृद्धजनों के साथ आत्मीय संवाद कर उनके जीवन के अनुभवों, समस्याओं एवं आवश्यकताओं को जाना गया तथा उन्हें फल व अन्य उपहार भेंट कर सम्मानित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/ सिविल जज (सीनियर डिवीजन) शांभवी द्वितीय ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं। वृद्धजनों का सम्मान और उनकी सेवा करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है।इस दौरान उन्होंने उपास्थित जनों को विधिक अधिकारों की जानकारी दी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित करते अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत की प्रदेश महामंत्री श्रीमती मीनाक्षी परिहार सिंह ने कहा कि सेवा दिवस का उद्देश्य समाज के ऐसे वर्गों तक पहुंचना है, जिन्हें हमारे समय, संवेदना और अपनत्व की सबसे अधिक आवश्यकता है। वृद्धजनों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उनके अनुभवों को सम्मान देना समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि न्याय और सेवा एक-दूसरे के पूरक हैं। अधिवक्ता परिषद सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के माध्यम से सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके पूर्व परिषद के पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र व पुष्प गुच्छ तथा मां बेल्हा देवी का चित्र भेंट कर स्वागत सम्मान किया।इस दौरान वक्ताओं ने वृद्धजनों से आत्मीयता से संवाद किया और उनके सुख-दुःख को साझा करते हुए भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम का वातावरण भावनात्मक एवं आत्मीय रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष मनोज सिंह व संचालन महामंत्री शिवेश कुमार शुक्ल ने किया। वृद्धजनों ने अधिवक्ताओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान परिषद के लखनऊ ईकाई के दिव्याशु प्रताप सिंह, लखनऊ के शासकीय अधिवक्ता शशांक, परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष अनिल दूबे, राष्ट्रीय परिषद की सदस्य किरण बाला सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किया। राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन किया गया।

इस मौके पर प्रमुख रूप से अधिवक्ता परिषद के मंत्री विनीत शुक्ल, कुलवंत शर्मा, कोषाध्यक्ष भरत लाल वैश्य,उदित गिरी, पंकज चौधरी, विजय गुप्ता,अतुल सिंह, अजीत शर्मा,प्रशान्त गुप्ता,इंद्र कुमार सिंह, विनोद शर्मा,राज कुमार सरोज,रमेश सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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