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माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से दुःखी लाखों शिक्षक नहीं मनायेंगे शिक्षक दिवस।

01 सितम्बर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेश से देश भर में 10 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर संकट मँडरा गया है।

माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से दुःखी लाखों शिक्षक नहीं मनायेंगे शिक्षक दिवस।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
प्रतापगढ़, 4 सितंबर।

01 सितम्बर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये आदेश से देश भर में 10 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर संकट मँडरा गया है।

यदि आदेश को निजी स्कूलों पर लागू किया गया तो इससे प्रभावित शिक्षकों की सम्भावित संख्या करोड़ में होगी। इस निर्णय से शिक्षक समुदाय दुःखी एवं चिन्तित हैं।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष श्री रामशंकर शुक्ल एवं जिलामंत्री श्री विनय सिंह ने कहा कि सदैव की भाँति 5 सितम्बर को देश एवं सभी प्रदेश की सरकारें मंच सजाकर चंद शिक्षकों को चंद लम्हों का सम्मान देंगी। उनमें कुछ ऐसे शिक्षक भी होंगे जिन्हें भारत सरकार द्वारा TET को लेकर बनाये गये कानून के कारण दो साल बाद सेवा से निकालने की चिंता सता रही होगी। क्या ऐसी विषम परिस्थिति में मिलने वाले उस सम्मान को शिक्षक मन से स्वीकार करेगा।

नेता द्वय ने कहा कि भारत सरकार द्वारा TET को लेकर बनाये गये कानून के क्रम में माननीय सुप्रीमकोर्ट द्वारा दिए गये निर्णय से देश भर के दस लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों के सामने दो वर्ष बाद सेवा से बाहर किए जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। शिक्षक नेताओं ने मांग किया है कि प्रधानमंत्री जी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री जी शिक्षकों के साथ न्याय करने की घोषणा करने की कृपा करें।

उन्होंने कहा कि उनकी यही घोषणा ही शिक्षकों के लिए वास्तविक सम्मान होगा।

DrShakti KumarPandey

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और यूएनआई के पत्रकार रहे हैं। आजकल 'ग्लोबल भारत' मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के प्रधान सम्पादक हैं।

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