प्रतापगढ़ का ‘द केरल स्टोरी’: 12 साल बाद ‘शेर अली’ से फिर संतोष शुक्ल बने, मंत्रोच्चार के बीच हुई घर वापसी
संतोष शुक्ला' नाम के शख्स को जबरन कबूल करवाया गया इस्लाम, 12 सालों तक सहा जुल्म, आज घर वापसी
प्रतापगढ़ का ‘द केरल स्टोरी’: 12 साल बाद ‘शेर अली’ से फिर संतोष शुक्ल बने, मंत्रोच्चार के बीच हुई घर वापसी
प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): धर्म परिवर्तन और बंधक बनाए जाने की एक ऐसी खौफनाक दास्तां सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले संतोष कुमार शुक्ल, जिन्हें पिछले 12 वर्षों से बंधक बनाकर जबरन इस्लाम कबूल कराया गया था, आज आखिरकार ‘सनातन’ की गोद में वापस लौट आए हैं।
12 साल का नरक और ‘शेर अली’ का ठप्पा
मिली जानकारी के अनुसार, संतोष शुक्ल (सुपुत्र स्व. भगवान दास) को 12 साल पहले बंधक बनाया गया था। आरोपियों ने न केवल उन्हें कैद में रखा, बल्कि उनका धर्मांतरण कराकर उन्हें ‘शेर अली खान’ बना दिया गया था। जुल्म की इंतहा यह थी कि आरोपियों ने उनका फर्जी आधार कार्ड तक बनवा लिया था ताकि उनकी असली पहचान पूरी तरह मिटाई जा सके।।
आश्रम वैदिक मन्दिर में हुआ ‘शुद्धिकरण’।
आज दिनांक 1 मार्च 2026 को प्रतापगढ़ के आश्रम वैदिक मंदिर मकोइया कुंडा में एक भव्य ‘शुद्धिकरण और घर वापसी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सनातन हितकारिणी न्यास के के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में संतोष शुक्ल ने वैदिक रीति-रिवाज, हवन और मंत्रोच्चार के बीच दोबारा हिंदू धर्म अपनाया।
प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व ठाकुर प्रकाश सिंह (सरदार पटेल नगर,मकोइया कुंडा) ने किया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से विजय मिश्र, नवीन पाल, रामकृष्ण मिश्र, लाला तूफानी और अन्य शामिल थे।
शुद्धिकरण की प्रक्रिया आचार्य पंडित श्यामलाल जी आर्य और डॉ. श्यामलाल जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मौलाना समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता बदरूल जमां, सफीउज्जमा, नईमुद्दीन और दाऊद नगर मस्जिद के मौलाना निज़ामुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार नामजद और आधा दर्जन अज्ञात के खिलाफ धर्म परिवर्तन समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
घर वापसी करने वाले संतोष का आरोप
सनातन धर्म से इस्लाम कबूल करने वाले सन्तोष शुक्ला का आरोप है कि दाउदनगर मस्जिद में उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर नाम ‘शेर अली खां’ रख दिया गया। इतना ही नहीं, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उसका फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया गया, जिसका आरोपी दुरुपयोग कर रहे थे। शिकायती पत्र में उल्लेख है कि पीड़ित को उसकी धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध मांस खाने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने या भागने का प्रयास करने पर उसे बुरी तरह मारा-पीटा जाता और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।किसी तरह जान बचाकर पहुंचा। पीड़ित ने बताया कि 20 फरवरी 2026 को भागने के प्रयास के दौरान आरोपियों ने उसे रास्ते से फिर उठा लिया और प्रताड़ित किया। किसी तरह उनके चंगुल से छिपकर जेठवारा थाने पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई थी।
पीड़ित संतोष शुक्ल अब अपने परिवार और अपने धर्म के साथ सुरक्षित हैं।



