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बेकाबू रोडवेज बस की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं

जान बचाने के लिए डॉक्टरों को काटना पड़ा महिला का एक पैर

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप भी सिहर उठेंगे। यहाँ एक बेकाबू रोडवेज बस की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। सुबह की सैर पर निकली एक महिला को रॉन्ग साइड से आ रही बस ने न सिर्फ टक्कर मारी, बल्कि उन्हें कुचलते हुए ड्राइवर मौके से फरार हो गया।घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। ​मामला नगर कोतवाली के चौक घंटाघर का है, जहाँ 55 वर्षीया मीनू खंडेलवाल को रोडवेज बस ने अपनी चपेट में ले लिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस हादसे ने महिला को उम्र भर का जख्म दे दिया है—उनकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। आइए देखते हैं यह पूरी रिपोर्ट।

मामला। सीसीटीवी में कैद ये तस्वीरें विचलित कर सकती हैं, लेकिन ये उस सिस्टम की पोल खोल रही हैं जहाँ सड़कों पर नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। प्रतापगढ़ के सबसे व्यस्त इलाके चौक घंटाघर में सोमवार को जब लोग अपनी दिनचर्या में मशगूल थे, तभी रॉन्ग साइड से आती काल बनी रोडवेज बस ने मॉर्निंग वॉक पर निकली मीनू खंडेलवाल को पीछे से रौंद दिया। हादसा इतना भीषण था कि मीनू बस के पहियों के नीचे तड़पती रहीं, लेकिन ड्राइवर ने इंसानियत दिखाने के बजाय बस की रफ्तार बढ़ाई और भाग निकला। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें प्रयागराज के अलका हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी जान तो बचा ली, लेकिन उस ‘पैर’ को नहीं बचा सके जो इस हादसे में कुचल चुका था। मीनू खंडेलवाल का दाहिना पैर जांघ से काटना पड़ा और उनकी कमर की हड्डी भी टूट गई है।

इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी और मीनू के बेटे तुषार ने डीएम और एसपी से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि दोषी ड्राइवर पर ऐसी सख्त कार्रवाई हो, जो नजीर बन सके। पुलिस ने बस को तो कब्जे में ले लिया है, लेकिन सवाल वही है कि आखिर इन बेखौफ ड्राइवरों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी?

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