अचानक थम गई रेल की रफ्तार!” कानपुर रूट पर 42 दिन का ब्रेक, इंटरसिटी-पैसेंजर बंद, कुंडा–मानिकपुर–ऊंचाहार में मचा हड़कंप
गंगा पुल मरम्मत के चलते रेलवे का फैसला, रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्री प्रभावित

अचानक थम गई रेल की रफ्तार!” कानपुर रूट पर 42 दिन का ब्रेक, इंटरसिटी-पैसेंजर बंद, कुंडा–मानिकपुर–ऊंचाहार में मचा हड़कंप
गंगा पुल मरम्मत के चलते रेलवे का फैसला, रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्री प्रभावित
प्रयागराज से कुंडा, मानिकपुर और ऊंचाहार होते हुए कानपुर जाने वाली इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनों को रेलवे ने अस्थाई रूप से निरस्त कर दिया है। इस फैसले से इस रूट पर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की परेशानी अचानक बढ़ गई है। खास तौर पर नौकरीपेशा लोग, छात्र-छात्राएं और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार कानपुर और उन्नाव के बीच गंगा नदी पर बने रेल पुल की डाउन लाइन पर बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। ट्रैक को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए पुराने ढांचे को हटाकर नए स्टील बीम लगाए जा रहे हैं। इसी कार्य के चलते रोजाना कई घंटे का मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है, जिससे इस रूट पर ट्रेनों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा।
इस दौरान प्रयागराज–कानपुर पैसेंजर, कानपुर–प्रयागराज पैसेंजर और कानपुर–प्रयागराज इंटरसिटी जैसी प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। इन ट्रेनों के बंद होने से कुंडा, मानिकपुर, ऊंचाहार और रायबरेली रूट पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रेलवे के अनुसार यह बंदी 2 अप्रैल 2026 से 13 मई 2026 तक लागू रहेगी। यानी करीब 42 दिनों तक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों के सहारे सफर करना पड़ेगा। वहीं कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे वे कई छोटे स्टेशनों पर नहीं रुक रही हैं।
ट्रेनों के बंद होने से बसों और निजी वाहनों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे यात्रियों का खर्च भी बढ़ रहा है। समय पर गंतव्य तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है। यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि इस अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
📢 निष्कर्ष:
रेलवे का यह कदम भले ही भविष्य में सुरक्षित रेल संचालन के लिए जरूरी हो, लेकिन फिलहाल कुंडा, मानिकपुर और ऊंचाहार के यात्रियों के लिए यह किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कब दोबारा इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार पटरी पर लौटेगी।


