मतदाता सूची से पात्र नामों को हटाया जाना लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी तथा कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने एसआईआर के नाम पर गरीब तबके का नाम निकालने पर सवाल खड़ा किया है।

मतदाता सूची से पात्र नामों को हटाया जाना लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
लालगंज, प्रतापगढ़; 4 फरवरी
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी तथा कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने एसआईआर के नाम पर गरीब तबके का नाम निकालने पर सवाल खड़ा किया है।
उन्होंने अल्पसंख्यकों, दलितों व पिछड़ों के सही नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लोकतंत्र की मजबूती के लिए बड़ा सवाल करार दिया है।
सांसद प्रमोद तिवारी तथा सीएलपी नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि एसआईआर में खुली अनियमितता बरती जा रही है।
संयुक्त बयान में नेताद्वय ने कहा है कि फार्म-07 के नाम पर लोगों के नाम जानबूझकर कटवाये जा रहे हैं।
विधायक आराधना मिश्रा मोना व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा है कि संविधान में हर किसी को मत का अधिकार है और यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
संयुक्त बयान में संासद प्रमोद तिवारी व विधायक मोना ने कहा है कि यह भाजपा की सोची समझी चाल है जो लोकतंत्र की ताकत को कमजोर करेगा।
उन्होने लोगों को सचेत करते हुए कहा है कि वह एसआईआर के अभियान को लेकर सतर्क रहें क्योंकि इस अभियान में जिस प्रकार से लोगों का नाम जानबूझ कर कटवाया जा रहा है, यह भविष्य में सरकारी सुविधाओं से उन्हें वंचित करने का प्रश्नचिन्ह भी लगा गया है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी व पार्टी विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा है कि भाजपा लोकतंत्र की संविधान को ताक पर रखकर हत्या कर रही है। वहीं राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने भारतीय हितों के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा आपरेशन सिन्दूर में सीजफायर तथा अब ट्रेड डील की घोषणा स्वयं करने की भी कड़ी आलोचना की है।
सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खामोशी के चलते अमेरिका देश के स्वाभिमान पर लगातार मनचाहा हमला कर रहा है।
उन्होने तंज कसा कि लगता है भारत की राजधानी पीएम मोदी की कमजोरी के कारण वाशिंगटन स्थानान्तरित हो गयी है। उन्होने कहा कि भारतीय हितों से जुड़े हर निर्णय की घोषणा आखिर डोनाल्ड ट्रंप रोज कैसे किया करते है।
वहीं राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने नेता विपक्ष राहुल गांधी के द्वारा गलवान घाटी को लेकर मुददे को उठाने में सरकार की अडंगेबाजी पर भी हमला बोला है।
उन्होने कहा कि भाजपा शासन के कार्यकाल में ही सेनाध्यक्ष रहे नरवणे के द्वारा एक पत्रिका में लेख पर चर्चा करने से भाजपा आखिर क्यूं तिलमिला गयी है।
उन्होंने कहा कि सरकार को गलवान घाटी की सच्चाई देश के सामने लाया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि देश के प्रति जबाबदेही की जगह भाजपा तत्कालीन सेनाध्यक्ष तक का अपमान करने पर उतर आयी है।
सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक आराधना मिश्रा मोना का संयुक्त बयान यहां मंगलवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।




