ब्रेकिंग
प्रतापगढ़: भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन टीम का बड़ा प्रहार, 87,500 रुपये रिश्वत लेते टाइपिस्ट रंगे हाथ ... नगर पालिका अध्यक्ष ने एक वर्ष के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का दिया ब्यौरा काशीपुर डुबकी प्रधान पर करोड़ो रु गबन का लगा आरोप, एडीओ पंचायत ने शुरू की जांच ब्रह्माकुमारीज़ एवं इनर व्हील क्लब द्वारा शीतकालीन राहत अभियान के तहत कंबल वितरण कार्यक्रम संपन्न। दुष्कर्म के वांछित आरोपी को नगर कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार जिला निर्वाचन अधिकारी ने त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण हेतु कार्यक्रम कि... यूपी में एसआईआर के नाम पर लगभग तीन करोड़ मतदाताओं का नाम हटना लोकतंत्र के लिए घातक- प्रमोद तिवारी राजा भइया के सनातनी विचारों से प्रेरित होकर सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में जुटा युवक नई जिम्मेदारी मिलने पर कांग्रेस जनों ने स्वागत किया। सीएचसी कुंडा में 131 नेत्र रोगियों का सफल ऑपरेशन
उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

अग्रिम जमानत का उद्देश्य किसी व्यक्ति को अनावश्यक गिरफ्तारी से बचाना –राम मिलन शुक्ला

अग्रिम जमानत का उद्देश्य किसी व्यक्ति को अनावश्यक गिरफ्तारी से बचाना –राम मिलन शुक्ला

प्रतापगढ़। भारतीय भाषा अभियान काशी प्रांत प्रतापगढ़ इकाई के आयोजकत्व में शनिवार को अधिवक्ता भवन में अग्रिम जमानत के प्रावधान एवं उसकी सुसंगतता पर हिंदी विधि व्याख्यान का आयोजन किया गया।

इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता राम मिलन शुक्ला ने कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 में था परंतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 के लागू होने के बाद इस प्रावधान को धारा 482 के तहत अद्यतन किया गया है, जो अग्रिम जमानत की पहुंच सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि अग्रिम जमानत का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति को झूठे आरोपों या अनावश्यक गिरफ्तारी से बचाना है और उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करना है।किसी ऐसे व्यक्ति जिस पर किसी गैर-जमानती अपराध में झूठे आरोप लगने की आशंका हो,जिससे उसकी अनावश्यक गिरफ्तारी और हिरासत को रोका जा सके।अग्रिम जमानत एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी से पहले ही अदालत से जमानत मिल जाती है,यदि उसे गैर-जमानती अपराध में गिरफ्तारी का डर हो। इसके लिए व्यक्ति को सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 482 के अंतर्गत आवेदन करना होता है। अदालत मामले की गंभीरता,अपराध की प्रकृति और आवेदक के पूर्ववृत्त को ध्यान में रखकर फैसला लेती है। इस मौके पर श्री शुक्ल अग्रिम जमानत की शर्तें पर विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय भाषा अभियान के जिला सहसंयोजक राजाराम सरोज व संचालन जिला सह संयोजक सतीश दुबे ने किया।

इस मौके पर प्रमुख रूप से कौशलेश त्रिपाठी,आशीष गुप्ता, अभिषेक मिश्रा,आकाश पांडेय,पंपम सिंह,शशांक शुक्ला,अरविंद पांडेय, आनन्द शुक्ला,प्रवीण तिवारी,ओम दुबे आदि अधिवक्तागण मौजूद रहें।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button