ब्रेकिंग
सुल्तानपुर: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कमैचा चांदा में आयोजित हुई छात्र संसद  लोक भारती प्रतापगढ़ के आह्वान पर विभिन्न संगठनों नें किया देववृक्ष हरिशंकरी रोपण। सार्वजनिक विकास तथा जन जन की आवश्यकता पर सदैव खरे उतरे हैं प्रमोद तिवारी- तनुज पुनिया 65वें श्री माधव मंदिर वार्षिकोत्सव एवं श्री जगन्नाथ रथ महोत्सव के दूसरे दिन सामूहिक सुंदरकाण्ड पाठ स... पीएम आवास योजना 4.0 के तहत उत्तर प्रदेश को मिले 6,18,482 नए पक्के मकान-- केशव मौर्य।। 19 जुलाई से बकुलाही के अवशेष कार्यों को पूर्ण कराने हेतु रचनात्मक संघर्ष शुरू होगा। जनपद न्यायाधीश ने किया वृक्षारोपण,जिला जज ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश यूपी भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष डा. रोहित मिश्रा ने रविवार को पदभार संभाला। बदलते परिदृश्य में कैसे रहें सुरक्षित? प्रधानाचार्य परिषद ने किया जिला विद्यालय निरीक्षक से मुलाकात।
विदेश

इस्कॉन मंदिर के संत चिन्मय कृष्ण दास को रिहा करने की मांग

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के एक संगठन ने रविवार को हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को तत्काल रिहा करने की मांग की। संगठन का कहना है कि उनके विरुद्ध आरोप झूठे हैं।

इस्कॉन मंदिर के संत चिन्मय कृष्ण दास को रिहा करने की मांग।

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
राज्य संवाददाता
ग्लोबल भारत न्यूज

अंतरराष्ट्रीय समाचार, 30 दिसम्बर।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के एक संगठन ने रविवार को हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को तत्काल रिहा करने की मांग की। संगठन का कहना है कि उनके विरुद्ध आरोप झूठे हैं।

इस्कॉन के पूर्व पदाधिकारी दास को 25 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। उन पर राष्ट्रध्वज का अपमान करने के लिए देशद्रोह का आरोप लगाया गया है।

अदालत में उनके मामले की अगली सुनवाई दो जनवरी को होगी। इस बीच, बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूपी) ने एक बयान जारी कर दास को तत्काल रिहा की मांग की।

बीएचबीसीयूपी के कार्यकारी महासचिव मनिंदर कुमार नाथ ने बयान में कहा कि दास समेत 19 लोगों के विरुद्ध लगाए गए देशद्रोह के आरोप झूठे एवं उत्पीड़नकारी हैं। बयान में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने की मांग की गई है। 

गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों और दास की गिरफ्तारी के बाद से नई दिल्ली एवं ढाका के बीच संबंध हालिया हफ्तों में और ज्यादा खराब हो गए हैं।

DrShakti KumarPandey

डा० शक्ति कुमार पाण्डेय अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स और यूएनआई के पत्रकार रहे हैं। आजकल 'ग्लोबल भारत' मासिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के प्रधान सम्पादक हैं।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button