ज़हर से युवक की मौत के बाद उबाल, हाईवे जाम से पहले पुलिस और परिजनों में भिड़ंत, कई ग्रामीण गंभीर घायल
संदिग्ध मौत में हत्या की आशंका, मां की तहरीर पर तीन के खिलाफ जांच शुरू

प्रतापगढ़ जनपद के थाना मानिकपुर क्षेत्र अंतर्गत साहूमई बिछलहला गांव में ज़हर से युवक सूरज की मौत के मामले ने उग्र रूप ले लिया। न्याय की मांग को लेकर शव के साथ हाईवे जाम करने जा रहे परिजनों और ग्रामीणों और पुलिस कर्मियों के बीच हिंसक झड़प हो गयी। आरोप है कि ग्रामीणों को पुलिसकर्मियों ने लाठी बाजी की जिसके बाद ग्रामीण भी एकत्रित हो गए और उन्होंने भी पुलिस कर्मियों से भिड़ गए। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में मृतक सूरज के चाचा संतोष कुमार का सिर फट गया, वहीं कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व युवक सूरज का शव गांव के पास संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ज़हर से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि यह मामला आत्महत्या नहीं बल्कि साजिशन हत्या का है। कार्रवाई में देरी और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज़ परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार रोक दिया और लगातार दो दिनों तक शव घर के पास रखा रहा।
रविवार को परिजन और ग्रामीण शव को लेकर हाईवे की ओर बढ़े ताकि प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा सके। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि बिना किसी उकसावे के पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लाठीचार्ज में कई ग्रामीण जमीन पर गिर पड़े और गंभीर चोटें आईं।
लाठीचार्ज के दौरान मृतक के चाचा संतोष कुमार के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे खून बहने लगा। इसके अलावा कई ग्रामीणों को हाथ, पैर और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को स्थानीय स्तर पर उपचार दिलाया गया, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर स्थिति बिगड़ते देख तत्काल घटना स्थल पर थाना हथिगवां, थाना कुंडा, थाना मानिकपुर और थाना नवाबगंज की पुलिस फोर्स तैनात की गई। इस दौरान कुंडा क्षेत्राधिकारी अमरनाथ गुप्ता भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घंटों चली तनातनी और समझाइश के बाद हालात काबू में आए। पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए, जिसके बाद मृतक सूरज का अंतिम संस्कार कराया गया। हालांकि लाठीचार्ज को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश बना हुआ है।
इस मामले में परिजनों ने पहले ही तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं अब ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई की भी उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।




