ब्रेकिंग
फर्जी लूट का पुलिस ने किया पर्दाफाश,जिसकी स्क्रिप्ट किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं बेकाबू रोडवेज बस की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं स्कूल की खबर चलाने पर गुरु जी ने दी हाथ-पैर तोड़ने की धमकी पूर्व प्रधानाचार्य पं. रामकिशोर मिश्र की प्रतिमा का अनावरण किया सांसद प्रमोद तिवारी ने। कुंडा में आखिर न्यायालय के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं करवा पा रहा राजस्व विभाग विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक ले जाएगा यह बजट: राजेंद्र मौर्य ​प्रतापगढ़ में भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों की भिड़ंत में व्यापारी की मौत; रोंगटे खड़े कर देने वाला LI... भारत-तिब्बत सहयोग मंच की मासिक "तरंग” बैठक का आयोजन हुआ। प्रतापगढ़ कलेक्ट्रेट में एक दिवसीय मनरेगा बचाओ सत्याग्रह का आयोजन किया गया। जूनियर बार चुनाव में अध्यक्ष पद पर 6 प्रत्याशी,महामंत्री पर चार प्रत्याशी सहित 48 प्रत्याशी चुनावी म...
Global भारत न्यूज़उत्तरप्रदेशप्रतापगढ़
Trending

युवक की मौत के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग जाम की कोशिश, झड़प के मामले में 23 गिरफ्तार

महिलाओं की गोद में नौनिहाल बच्चों की गिरफ्तारी पर उठे सवाल

  • ग्लोबल भारत से अभिषेक पाण्डेय 

प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ लखनऊ–प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस द्वारा स्थिति नियंत्रित करने के प्रयास के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की, हाथापाई और पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस कार्रवाई में महिलाओं की भी गिरफ्तारी हुई है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार की गई कुछ महिलाएं नौनिहाल बच्चों की मां हैं, जिसे लेकर ग्रामीणों और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।

पूरा घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, थाना मानिकपुर क्षेत्र के साहूमई (बिछलहला) गांव निवासी 22 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ सेवन से मौत हो गई थी। मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। अंतिम संस्कार से पहले परिजन और ग्रामीण दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा शव को सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने की कोशिश की गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जाम की स्थिति न बनने देने के लिए हस्तक्षेप किया। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया, जो बाद में झड़प और पत्थरबाजी में बदल गया।

पुलिस का पक्ष

पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की कोशिश से यातायात बाधित होने की आशंका थी। पुलिस के अनुसार, स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ लोगों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए और एक सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुआ। पुलिस का दावा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई आवश्यक थी।

इसी संबंध में दर्ज मुकदमे के तहत 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से लाठी-डंडे और लोहे की सरिया बरामद की गई है।

पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों की आपत्ति

वहीं दूसरी ओर, पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि वे अंतिम संस्कार से पहले केवल यह चाहते थे कि उन्हें न्याय का भरोसा मिले और युवक की मौत की निष्पक्ष जांच हो। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन से संवाद की कमी और जल्दबाजी में की गई सख्ती के कारण हालात बिगड़ गए।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में कई महिलाएं शामिल हैं, जिनकी गोद में छोटे बच्चे हैं। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में महिलाओं और नौनिहाल बच्चों को जेल भेजना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।

उठते सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं—

क्या जाम की कोशिश को बातचीत के जरिए रोका जा सकता था?

क्या पीड़ित परिवार को समय रहते भरोसा दिलाया गया?

क्या महिलाओं और नौनिहाल बच्चों के मामलों में अलग दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए था?

युवक की मौत की जांच अब किस दिशा में आगे बढ़ेगी?

निष्कर्ष

युवक की मौत से उपजा यह मामला अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय पहलुओं से भी जुड़ गया है। पुलिस कार्रवाई को आवश्यक बता रही है, जबकि पीड़ित पक्ष संवाद और सहानुभूति की कमी का आरोप लगा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच की प्रगति और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button