ब्रेकिंग
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का स्वागत और सम्मान समारोह सम्पन्न। जिला बार एसोसिएशन सभागार में जिला जज का हुआ स्वागत अभिनंदन राजा भैया पर अभद्र टिप्पणी से समर्थकों में रोष, जन सत्ता दल लोकतांत्रिक के आईटी सेल सदस्य ने दी तहरी... शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रतापगढ़ में भव्य स्वागत। तीन माह से मानदेय नहीं, NHM संविदा कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार एसोसिएशन की अपील पर प्रयागराज में खुली रहीं फुटकर दवा की अधिकांश दुकानें राहुल गांधी से मिले प्रतापगढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी एम एल सी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी ने राजा भैया के बयान का समर्थन किया। अवधी के कवि निर्झर प्रतापगढ़ी की कविताओं पर लघु शोध प्रबन्ध। दो महीने से मानदेय नहीं, सड़क पर उतरे NHM कर्मी
Global भारत न्यूज़अव्यवस्थाउत्तरप्रदेशप्रतापगढ़

अचानक थम गई रेल की रफ्तार!” कानपुर रूट पर 42 दिन का ब्रेक, इंटरसिटी-पैसेंजर बंद, कुंडा–मानिकपुर–ऊंचाहार में मचा हड़कंप

गंगा पुल मरम्मत के चलते रेलवे का फैसला, रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्री प्रभावित

अचानक थम गई रेल की रफ्तार!” कानपुर रूट पर 42 दिन का ब्रेक, इंटरसिटी-पैसेंजर बंद, कुंडा–मानिकपुर–ऊंचाहार में मचा हड़कंप

गंगा पुल मरम्मत के चलते रेलवे का फैसला, रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्री प्रभावित

प्रयागराज से कुंडा, मानिकपुर और ऊंचाहार होते हुए कानपुर जाने वाली इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनों को रेलवे ने अस्थाई रूप से निरस्त कर दिया है। इस फैसले से इस रूट पर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की परेशानी अचानक बढ़ गई है। खास तौर पर नौकरीपेशा लोग, छात्र-छात्राएं और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार कानपुर और उन्नाव के बीच गंगा नदी पर बने रेल पुल की डाउन लाइन पर बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। ट्रैक को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए पुराने ढांचे को हटाकर नए स्टील बीम लगाए जा रहे हैं। इसी कार्य के चलते रोजाना कई घंटे का मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है, जिससे इस रूट पर ट्रेनों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा।
इस दौरान प्रयागराज–कानपुर पैसेंजर, कानपुर–प्रयागराज पैसेंजर और कानपुर–प्रयागराज इंटरसिटी जैसी प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। इन ट्रेनों के बंद होने से कुंडा, मानिकपुर, ऊंचाहार और रायबरेली रूट पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रेलवे के अनुसार यह बंदी 2 अप्रैल 2026 से 13 मई 2026 तक लागू रहेगी। यानी करीब 42 दिनों तक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों के सहारे सफर करना पड़ेगा। वहीं कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे वे कई छोटे स्टेशनों पर नहीं रुक रही हैं।
ट्रेनों के बंद होने से बसों और निजी वाहनों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे यात्रियों का खर्च भी बढ़ रहा है। समय पर गंतव्य तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है। यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि इस अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

📢 निष्कर्ष:
रेलवे का यह कदम भले ही भविष्य में सुरक्षित रेल संचालन के लिए जरूरी हो, लेकिन फिलहाल कुंडा, मानिकपुर और ऊंचाहार के यात्रियों के लिए यह किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कब दोबारा इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार पटरी पर लौटेगी।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button