शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रतापगढ़ में भव्य स्वागत।
डा० नीरज त्रिपाठी, स्वामी शिवेशानंद और श्री अनिरुद्ध रामानुज दास के नेतृत्व में स्थानीय भक्तों ने माल्यार्पण और पूजा अर्चना करके स्वामी जी का सम्मान और अभिनन्दन किया।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रतापगढ़ में भव्य स्वागत।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज
प्रतापगढ़, 22 मई।
डा० नीरज त्रिपाठी, स्वामी शिवेशानंद और श्री अनिरुद्ध रामानुज दास के नेतृत्व में स्थानीय भक्तों ने माल्यार्पण और पूजा अर्चना करके स्वामी जी का सम्मान और अभिनन्दन किया।
भगवान शिव के अंश पूज्यपाद् शंकराचार्य भगवान स्वामि श्री: अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज जी के प्रतापगढ़ नगर आगमन पर कांग्रेस सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने फूल,माला व गुलाब की पंखुड़ी उड़ाकर व अंगवस्त्रम, बुके भेंट कर भव्य स्वागत अभिनन्दन किया l
इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न समुदायों के लोग उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद महाराज जी ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग को एक बार फिर मजबूती से दोहराया।
उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म सदैव ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को लेकर चलता है। गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन का केंद्र हैं। जो भी गौ हत्या करेगा, वह हमारा विरोधी है, चाहे वह हमारा अपना ही क्यों न हो।”
महाराज जी ने प्रतापगढ़ में मिले जनसमर्थन की सराहना करते हुए कहा कि “मुझे अपने घर प्रतापगढ़ आकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। यहां अल्पसंख्यक समाज के भी लोग गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग का समर्थन कर रहे हैं। यह भारत की एकता, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।”
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि “देश अब भाजपा के दोहरे चरित्र को भलीभांति समझ चुका है। एक तरफ गौ माता के नाम पर राजनीति की जाती है और दूसरी तरफ उनके संरक्षण के मुद्दे पर वास्तविक कार्य नहीं किया जाता। जनता ऐसे दोहरे चरित्र वाले लोगों को पहचान चुकी है और उनसे दूर रहने की आवश्यकता है।”
इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष् डॉ. नीरज त्रिपाठी ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया l
कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश देखने को मिला।
इस अवसर पर आशुतोष पांडेय, वेदान्त तिवारी,डॉ प्रशांत देव शुक्ला,श्याम शंकर शुक्ल श्याम जी,आचार्य ओम प्रकाश मिश्र, काशी नारायण मिश्रा, विशाल नाथ तिवारी, महेंद्र शुक्ला, प्रधान अभिषेक मिश्रा आशु, विजय प्रताप त्रिपाठी, प्रेम शंकर द्विवेदी, चंद्र नाथ शुक्ला, आदित्य शुक्ला, दुर्गेश तिवारी, सुरेश मिश्रा, प्रशांत सिंह प्रिंशु, विवेक पाण्डेय, राजेश शुक्ला, शुभम मिश्रा, आशीष शुल्ला, रामरतन तिवारी, रवि भूषण सिन्हा, इंद्रानन्द तिवारी, उमेश तिवारी, फतेह बहादुर सिंह, नितिन शुक्ल, शिवांशु भट्ट सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास के नेतृत्व में महाराणा प्रताप चौराहे पर अनेकों ब्राह्मणों ने वेद मंत्रों के द्वारा पुष्प माला इत्यादि प्रदान करके स्वागत किया गया।
शंकराचार्य ने गौ रक्षा हेतु तर्जनी उंगली को ऊपर उठकर कहा आप सभी भगवान के अंश है ।
पूज्य शंकराचार्य जी ने अपने कर कमलों से धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी के संबंध में पुस्तक की रचना करने वाले डॉक्टर संगम लाल त्रिपाठी भंवर को माल्यार्पण करके अंग वस्त्रम एवं पगड़ी पहनाया तथा धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे को अपने साथ वैन में बिठाकर आगे की ओर चले।
सई नदी के पुल पर पहुंचने पर उन्होंने मां बेल्हा देवी को नमन किया और उन्हें जो गलत सूचना दी गई थी यहां पर काफी भीड़ है गाड़ी नहीं जा पाएगी जिसके कारण दर्शन नहीं कर पाये थे। उसके लिए माताजी से क्षमा मांगा।
धर्माचार्य ने अपनी पुस्तक मां वाराही माहात्मय एंव श्री जगन्नाथ जी का महाप्रसाद भेंट किया। पूज्य शंकराचार्य जी ने आपको अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण करके प्रसाद प्रदान कर सम्मानित किया। यात्रा के संबंध लेकर काफी चर्चा हुई।
धर्माचार्य ने भी मांग किया कि गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिया जाए, गौ हत्या बंद हो और बूचड़खाने बंद हो तभी धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी का सपना पूरा होगा।
स्वागत के समय आलोक ऋषि वंश, राम सजीवन मिश्रा, शैलेंद्र सिंह योगीराज, आचार्य शशांक द्विवेदी, आचार्य अमन तिवारी, अचार्य हरिहर, आचार्य अंशुमान, आचार्य गोविंद तिवारी, आचार्य अनमोल मिश्रा, आचार्य पवन शुक्ला, शेखर त्रिपाठी, वात्सल्य ऋषि वंश, वाचस्पति ऋषि वंश, बाबा हरिशंकर मिश्रा, श्रीमती किरन मिश्रा सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


