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कई महीनों बाद खत्म हुई तहसील कुंडा अधिवक्ताओं की हड़ताल

जिलाधिकारी की पहल के बाद बहाल हुआ न्यायिक कार्य, वादकारियों को बड़ी राहत

कई महीनों बाद खत्म हुई तहसील कुंडा अधिवक्ताओं की हड़ताल

जिलाधिकारी की पहल के बाद बहाल हुआ न्यायिक कार्य, वादकारियों को बड़ी राहत

अभिषेक पाण्डेय
कुंडा, प्रतापगढ़। तहसील कुंडा में पिछले कई महीनों से चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन और तालाबंदी का आखिरकार गुरुवार को अंत हो गया। हड़ताल समाप्त होने के साथ ही तहसील में ठप पड़ा न्यायिक कार्य दोबारा शुरू हो गया, जिससे वादकारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है।
तहसीलदार कुंडा के न्यायिक आदेशों को लेकर चल रहे विवाद के बीच अधिवक्ता आंदोलनरत थे, जिसके कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने 13 मई 2026 को बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ सामंजस्य बैठक की।
बैठक में तहसीलदार के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच जारी होने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल न्यायिक कार्य बहाल किया जाना आवश्यक है।
इससे पहले राजस्व परिषद की ओर से भी हड़ताल समाप्त कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके थे। गुरुवार को बार एसोसिएशन की आपात बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने और न्यायिक कार्य दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायिक कार्य बाधित होने से सबसे अधिक परेशानी आम जनता और वादकारियों को हो रही थी, इसलिए जनहित में यह फैसला लिया गया।
बैठक में गौरव ओम त्रिपाठी, भुवनेश्वर तिवारी, सुनील तिवारी, पुष्पेश पाण्डेय, पंकज त्रिपाठी, भीष्म नारायण पाण्डेय, मनोज सिंह, दिलीप तिवारी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुनील त्रिपाठी और रघुराज तिवारी ने किया, जबकि अध्यक्षता गुरु प्रसाद श्रीवास्तव ने की।

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