शिक्षा जगत में बड़ा फैसला: यूपी में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की बल्ले-बल्ले, मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
कैबिनेट की मुहर के बाद लाखों शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत, 1 मई से लागू होगा नया मानदेय

कैबिनेट की मुहर के बाद लाखों शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत, 1 मई से लागू होगा नया मानदेय
उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लाखों शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अब शिक्षामित्रों को जहां 18,000 रुपये प्रतिमाह, वहीं अंशकालिक अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। अभी तक शिक्षामित्रों को 10,000 और अनुदेशकों को मात्र 9,000 रुपये ही मिल रहे थे।
📊 “मेहनत का मिला सम्मान” — सरकार का बड़ा कदम
प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई 2026 से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे शिक्षाकर्मियों के समर्पण और मेहनत का सम्मान बताया।
📅 2017 से 2026 तक: संघर्ष से सम्मान तक का सफर
सरकार ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2017 में जब भाजपा सरकार सत्ता में आई थी, तब शिक्षामित्रों का मानदेय महज 3,500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था। अब एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए इसे सीधे 18,000 रुपये तक पहुंचा दिया गया है।
🎯 चुनावी वादा पूरा, विश्वास मजबूत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस बढ़ोतरी की घोषणा कर चुके थे। अब कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के बाद यह फैसला जमीन पर उतरने जा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
💬 शिक्षा जगत में खुशी की लहर
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरे प्रदेश में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के बीच खुशी का माहौल है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षाकर्मियों को आखिरकार राहत मिल गई है।
यह फैसला न सिर्फ शिक्षाकर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती देगा।


