प्रतापगढ़ के कुंडा में बसंती का ‘वीरू’ अवतार!
बसंती' खुद टावर पर चढ़ गई और नीचे खड़े 'वीरू' (अरविंद पटेल) के लिए जान की बाजी लगा दी।
आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ… और बाकी मेरे पीछे आओ!”: प्रतापगढ़ के कुंडा में बसंती का ‘वीरू’ अवतार!
प्रतापगढ़। “जब तक तेरे पैर चलेंगे, तब तक इसकी सांस चलेगी…” गब्बर का ये डायलॉग तो आपने सुना होगा, लेकिन आज प्रतापगढ़ के कुंडा में माजरा उल्टा था। यहाँ ‘बसंती’ खुद टावर पर चढ़ गई और नीचे खड़े ‘वीरू’ (अरविंद पटेल) के लिए जान की बाजी लगा दी। मामला शोले फिल्म के उस सीन जैसा था, जहाँ वीरू पानी की टंकी पर चढ़ा था, बस फर्क इतना था कि यहाँ टावर पर बसन्ती की जगह कोई और नाम की युवती थी।
*प्रेमी के लिए टावर पर ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा*
शोले के वीरू की तरह ही कुंडा के फरेंदुपुर मोहल्ले में हड़कंप मच गया जब युवती ने आव देखा न ताव और सीधे मोबाइल टावर के शिखर पर जा पहुंची। नीचे खड़ी भीड़ और पुलिस बस यही सोच रही थी— “बसंती, इन कुत्तों (भीड़) के सामने मत नाचना!” लेकिन बसंती तो अपने प्रेमी अरविंद पटेल (सिया गांव निवासी) को बुलाने की जिद पर अड़ी थी।
*मौसी, मैं सुसाइड कर लूंगा!” जैसा माहौल*
युवती का तेवर देख नीचे खड़े लोग और प्रशासन पसीने-पसीने हो गए। टावर के नीचे तमाशबीनों की ऐसी भारी भीड़ जुटी कि सड़क पर जाम लग गया। लोग अपनी गाड़ियों से उतरकर तमाशा देखने लगे, जैसे रामगढ़ की जनता वीरू का ड्रामा देख रही हो। मोहल्ले में तनाव ऐसा कि जैसे गब्बर की टोली आने वाली हो, हर तरफ बस इसी की चर्चा है।
*पुलिस और प्रशासन का ‘ठाकुर’ स्टाइल रेस्क्यू*
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। जैसे ठाकुर अपनी टीम के साथ रणनीति बनाता था, वैसे ही पुलिस भी युवती को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटी है। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू की तैयारी की जा रही है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस बार-बार गुजारिश कर रही है कि युवती नीचे आ जाए, लेकिन ‘बसंती’ अपनी जिद पर अड़ी है।
*ताजा स्थिति*
कुंडा में इस वक्त सांसे थमी हुई हैं। प्रेमी को बुलाने की जिद और टावर पर चढ़ी युवती के इस ड्रामे ने पूरे जिले में हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह है कि पुलिस ‘ठाकुर’ बनकर इस मामले को कैसे सुलझाती है और प्रेमी ‘वीरू’ कब तक मौके पर पहुँचता है।


