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प्रत्येक नागरिक में होनी चाहिए राष्ट्र प्रथम की भावना – राजबिहारी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया "हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव"

प्रत्येक नागरिक में होनी चाहिए राष्ट्र प्रथम की भावना – राजबिहारी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया “हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव”

गौरव तिवारी जिला संवाददाता प्रतापगढ़।

प्रतापगढ़। शिवाजी महाराज का जन्म उस काल में हुआ था जिस समय यहां के कुछ सरदार विदेशी सत्ता की चाकरी करते थे। अपने अहंकार का पोषण करने के लिए आपस में लड़ते थे। यहां तक कि अपने विरोधियों के विरुद्ध युद्ध करने के लिए विदेश सत्ता से सहयोग लेते थे। उस समय शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। उक्त बातें नगर स्थित एक मैरिज हाल में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित “हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव” के मौके पर बतौर मुख्य वक्ता काशी प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह राज बिहारी ने स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि जीजाबाई ने गर्भ में पल रहे शिवाजी का उसी समय से ऐसा पालन पोषण किया कि देश के दुश्मन उन्हें देखकर दांतों तले अंगुली दवा लेते थे।

शिवाजी एक ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए हर प्रकार से खुद को योग्य बनाया। उनकी नीति थी जैसे को तैसा ‘शठे शाठ्यम समाचरेत’। शिवाजी महाराज सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए छोटे-छोटे रोजगार के आयाम खोले। उन्होंने सती प्रथा का विरोध किया। यहां तक कि उनके पिता के निधन के बाद उनकी चिता में अपनी मां को जलने नहीं दिया। इस कारण उनका समाज में विरोध किया, लेकिन वे विरोध सहते रहे और इस कुरीतियों को नष्ट कर दिया। उन्होंने गौ हत्या को बंद कराया। छुआछूत और जातिप्रथा को समाप्त कराया। ध्वस्त हुए मंदिरों का निर्माण कराया। उन्होंने मुगल आक्रांताओं से मुक्त कराकर *भारत में हिन्दवी स्वराज की स्थापना की*। शिवाजी धार्मिक थे, लेकिन धर्मभूरी नहीं थे। वे कठोर थे परंतु क्रूर नहीं थे।

वे साहसी थे, लेकिन ठगी नहीं थे। वे व्यवहारिक थे, कितु ध्येयरहित नहीं थे, वे ऊंचे सपने पालते थे और इसे पूरा करते थे। वे कुशल रणनीतिकार थे। चरित्रवान ऐसा कि दुश्मन की स्त्रियों में भी माता का स्वरूप देखते थे। उनका संपूर्ण जीवन हिंदू समाज और भारत माता को समर्पित था। उन्होंने संघ द्वारा मनाए जाने वाले छ : उत्सवों में से “हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव” को प्रमुख बताते हुए कहा कि सन 1674 में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के दिन रायगढ़ के किले पर छत्रपति शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ था। इसी के उपलक्ष्य में हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव मनाया जाता है। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर अतिथियों द्वारा पुष्प अर्पित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सक डॉक्टर आर.के.मिश्र ने किया। इस अवसर पर विभाग कार्यवाह हरीश,जिला संघचालक चिंतामणि,जिला कार्यवाह हेमन्त कुमार,नगर संघचालक जगदम्बा ,जिला प्रचार प्रमुख अंकुर,विभाग प्रचार प्रमुख प्रभा शंकर,विभाग व्यवस्था प्रमुख गिरिजा शंकर,नगर कार्यवाह अंकित,नगर प्रचारक विवेकानंद, सह नगर कार्यवाह सुमित,नगर संपर्क प्रमुख धीरज,नगर शारीरिक प्रमुख राज,कार्यालय प्रमुख दीपक देव,राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक राय,राजेश त्रिपाठी,संतोष मिश्रा, राजेश मिश्र, जय प्रकाश,अमित ओझा,सेवा भारती विभाग अध्यक्ष विनोद सिंह,अधिवक्ता परिषद महामंत्री शिवेश,बृजलाल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव,क्रीडा भारती जिला अध्यक्ष ध्रुव,महेश गुप्ता,आशीष शुक्ला, संतराम,सुनील,तुषार, अंशुल, रोहित,विवेक,विजय पटेल,भाजपा जिला महामंत्री राजेश सिंह,राघवेंद्र सिंह, अंशुमान सिंह,प्रभात मिश्र,धर्मेंद्र सिंह,नगर भाजपा अध्यक्ष आलोक, कृष्णकांत, सतीश उपाध्याय, राजन, बृजलाल, अनुराग सिंह सहित आदि उपस्थित रहे।

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