खड़गे विवाद पर सियासी संग्राम
कांग्रेस नेता का आरोप—सीएम की बयानबाज़ी नफरत भरी, संपत्ति बढ़ोतरी की जांच की उठाई मांग

खड़गे पर टिप्पणी को लेकर सियासत गरम, करुण पाण्डेय बोले—“यह दलित समाज का अपमान”
कांग्रेस नेता का आरोप—सीएम की बयानबाज़ी नफरत भरी, संपत्ति बढ़ोतरी की जांच की उठाई मांग
ग्लोबल भारत न्यूज
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। किसान कांग्रेस उत्तर प्रदेश के महासचिव और कांग्रेस कमेटी प्रतापगढ़ के उपाध्यक्ष करुण पाण्डेय “बिन्नू भईया” ने इसे न केवल एक वरिष्ठ नेता का अपमान बताया, बल्कि दलित समाज की गरिमा पर भी चोट करार दिया है।
कुंडा में जारी प्रेस विज्ञप्ति में करुण पाण्डेय ने कहा कि भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त बिस्वा शर्मा की टिप्पणी उनकी “नफरती सोच” को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी दबाव और कथित घोटालों के डर से मुख्यमंत्री का संतुलन बिगड़ गया है, जिसके चलते वे इस तरह के बयान दे रहे हैं।
करुण पाण्डेय ने खड़गे के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी संयम और शालीनता नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि खड़गे ने अपने जीवन में हिंसा में परिवार खोने जैसी त्रासदी झेली, लेकिन इसके बावजूद कभी नफरत की राजनीति नहीं की। यही कारण है कि वे नौ बार विधायक और तीन बार सांसद रह चुके हैं और आज देश की राजनीति में शीर्ष स्थान पर हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत करने वाले खड़गे आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचे हैं, जो उनके संघर्ष और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। करुण पाण्डेय के मुताबिक, खड़गे ने कभी भी अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि को मुद्दा बनाकर राजनीति नहीं की, बल्कि हमेशा आत्मविश्वास और समर्पण के साथ देश और पार्टी के हित में कार्य किया।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उसे ऐसे नेताओं से सीख लेनी चाहिए और नफरत की राजनीति से दूर रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री हेमन्त बिस्वा शर्मा और उनके परिवार की पिछले पांच वर्षों में बढ़ी संपत्ति की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।


