ब्रेकिंग
यूजीसी कानून उतरप्रदेश तो छोड़िए देश के किसी भी राज्य में लागू नहि होने देंगे: कुंवर हरिवंश सिंह। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का 12 स्वर्णिम वर्ष रहा- ठाकुर प्... लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मिले बाबागंज विधायक विनोद सरोज जनता को मंहगाई से राहत देने की बजाय पूंजीपतियों की तिजोरी भर रही है मोदी सरकार- प्रमोद तिवारी बाबा भयहरणनाथ में 13 वाँ सामाजिक सत्याग्रह आज 7 जून को। कांग्रेस कमेटी की प्रतापगढ़ में मासिक बैठक सम्पन्न हुई। भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्यसमिति की आनलाइन बैठक सम्पन्न हुई। जब कर्मचारी पर टूटा तूफान का कहर, तब फरिश्ता बनकर खड़ा हुआ सीएचसी कुंडा परिवार आगामी 15,16 एवं 17 सितंबर 2026 को आयोजित होगा 'अजगरा महोत्सव'। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन एवं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनेश्वर मिश्र पार्क में कार...
Global भारत न्यूज़अपराधउत्तरप्रदेशप्रतापगढ़
Trending

घर में घुसकर मां-बेटी पर हमला, जमीन कब्जाने की साजिश का आरोप — कोर्ट के आदेश पर 18 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

चहारदीवारी तोड़ने से शुरू हुआ विवाद, विरोध पर बेरहमी से पिटाई — पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल

भैरवपुर में दबंगों का तांडव: घर में घुसकर मां-बेटी को पीटा, जमीन पर जबरन कब्जा

चहारदीवारी तोड़ी, विरोध पर बेरहमी — कोर्ट के आदेश के बाद 18 के खिलाफ केस दर्ज

प्रतापगढ़ (कुंडा)। महेशगंज थाना क्षेत्र के भैरवपुर गांव में दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है, आरोप है कि जमीन के विवाद में कुछ लोगों ने घर में घुसकर मां-बेटी के साथ मारपीट की और जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण कर लिया। शिकायत के बाद भी पुलिस की अनदेखी के बाद पीड़िता को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

🟥 घटना की पूरी कहानी
गांव निवासी रीतू रावत ने आरोप लगाया कि पिता की मौत के बाद वह अपनी मां के साथ रहकर उनकी देखभाल करती है। 14 जुलाई 2025 की सुबह गांव के ही कुछ लोग जेसीबी लेकर पहुंचे और उसकी चहारदीवारी तोड़ने लगे।
विरोध करने पर आरोपियों ने घर में घुसकर रीतू की बेरहमी से पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने आई उसकी मां को भी धक्का देकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

🟥 पुलिस की भूमिका पर सवाल
घटना के तुरंत बाद यूपी-112 पर कॉल की गई, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए।
पीड़िता का आरोप है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उसे मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

🟥 इलाज के दौरान जमीन पर कब्जा
रीतू रावत के अनुसार, 7 अगस्त को जब वह अपनी मां का इलाज कराने गई थी, उसी दौरान आरोपियों ने उसकी जमीन पर मकान बनाकर कब्जा कर लिया।

🟥 कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने गुलशन, अतुल, संताराम, नन्हे, अवधेश, जीतलाल, ममता, अम्बरीश समेत 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

🟥 बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि इलाके में दबंगों के हौसले कितने बुलंद हैं और पुलिस की निष्क्रियता किस तरह पीड़ितों को न्याय के लिए भटकने पर मजबूर करती है।

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button