बिना नकेल कसे परियोजनाओं का कोई भविष्य नहीं योगी जी
जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और राजस्व विभाग में अव्वल दर्जे की अनियमितता, बिना लगाम कसे कैसे होगा जिले का कायाकल्प

बिना नकेल कसे परियोजनाओं का कोई भविष्य नहीं योगी जी
जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और राजस्व विभाग में अव्वल दर्जे की अनियमितता, बिना लगाम कसे कैसे होगा जिले का कायाकल्प
ग्लोबल भारत डेस्क : प्रदेश की योगी सरकार आज अपने विकास कार्यों और उत्तम शासन के लिए प्रदेश ही नहीं देश के प्रायः अन्य भागों में भी सुर्खियां बटोर रही है। जीरो टॉलरेंस पर काम हो रहा है प्रतापगढ़ पुलिस के मुखिया ने तो आपकी नीतियों पर चलकर दिखा दिया कि योगी सरकार में अपराधियों कब्जा भविष्य हो सकता है। वहीं जिले में स्वास्थ्य, प्राथमिक शिक्षा, सड़क निर्माण और राजस्व कर्मियों द्वारा जनता के साथ लगातार खेल हो रहा हैं जहां सरकार द्वारा दी गई निधियों के इस्तेमाल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। आपकी जनता को वो सब उस मानक पर नहीं मिल पा रहा है जो आप अपने खजाने से भेजवा रहे हैं। आपके राज्य के प्रतापगढ़ जनपद की जनता रसूखदारों द्वारा बनाए इको सिस्टम का शिकार हो रही है एयरबस जिले आपकी सरकार की बदनामी लगातार जारी है।
राजा भैया के सर्वसमाज की सेवानीति से सबक नहीं ले रहे सरकारी कर्मी
कुंडा के विधायक राजा भैया के दरबार में बढ़ती फरियादियों की भीड़ इस बात को प्रमाणित करने के लिए काफी है कि अगर सरकारी तंत्र ईमानदारी से जनता की बात सुनता और उस पर कार्रवाई करता तो शायद ये भीड़ राजभवन तक इस मात्रा में नहीं जाती क्यों कि जब सिस्टम साथ नहीं देता तो लोग सीधे न्याय के लिये राजा भैया के दरबार में आते हैं जहां जनसुलभ विधायक उनकी समस्याओं को सुनते भी है और कार्यवाही भी करवाते है। इससे एक बात तो साफ है कि जिले के हुक्मरानों के लाख कोशिशों के बावजूद कर्मचारी मनमानी कर रहे है। यहां ये बताना आवश्यक है कि कहीं न कहीं लोगों में सरकार के सिस्टम के प्रति ईमानदार सोच नहीं बन पा रही है। छह माह के भीतर कुंडा तहसील से एंटी करप्शन विभाग द्वारा चकबंदी अधिकारी और लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ा जाना इसका उदाहरण माना जा सकता है कि सब कुछ ठीक नहीं है। सिस्टम में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सरकार की नीति और नीयत दोनों के विरुद्ध ईमानदारी से काम नहीं कर रहे है।
न्याय के लिए भटकती जनता और भोग लगा रहे आपके कर्मी
जिला मुख्यालय से लेकर गांव गिरांव तक आए दिन इस तरह की सूचना और खबरें आम हो रही है कि फला अस्पताल में ऐसा हो गया फला में वैसा हो गया। स्वास्थ्य संबंधी समस्या मानव जीवन की प्रमुख समस्याओं में एक है लेकिन वर्षों से जिले में जमे इस विभाग के कर्मचारी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक, जिले में तैनात कुछ बाबुओं और सेकेंड लाइन अफसरों के सिंडीकेट ने इस विभाग की बैंड बजा रखी है। नाजायज अस्पतालों पर कार्रवाई के स्थान पर वसूली प्रथा हॉबी है। ब्लाक स्तर पर वर्षों से जमे अधिकारी अस्पताल को विरासत समझकर अपना सिस्टम बनाए बैठे है। इसका प्रमुख कारण है कि क्षेत्र में इनकी जड़े इतनी मजबूत हो चुकी है कि शिकायत करने वाली आवाजों को रसूख की लाठी से दबवा दिया जा रहा है। इसे में पारदर्शी सेवाओं के लिए इस विभाग को स्वयं ऑपरेशन की जरूरत है।
कुल मिलाकर आपको इस जनपद में सरकार के पैरलर चलाए जा रहे इको सिस्टम को तोड़े बिना जन कल्याण संभव नहीं है। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और पुलिस कप्तान तो ईमानदारी से जिले को ऑपरेट कर रहे है लेकिन द्वितीय और तृतीय पंक्ति में बैठे जिम्मेदारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार से जनता त्राहिमाम कर रही है। इस पर गंभीर कार्रवाई किए बिना गाड़ी पटरी पर आने से रही।