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रहवई सहकारी समिति पर प्रिंट से अधिक दामों पर बेची गई यूरिया धक्का मुक्की के बाद भी समिति के मेंबरों को नहीं मिली खाद प्राइवेट दुकानों से 350 में यूरिया खाद लेने को मजबूर हुए समिति के मेंबर

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(प्रतापगढ़ कुंडा)। यूरिया का संकट अभी समाप्त नहीं हो पाया है। निजी दुकानों के साथ साधन सहकारी समितियों पर भी किसान छले जा रहे हैं। उनसे निर्धारित दर से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं।

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यूरिया की दर प्रति बोरी 268.50 रुपये निर्धारित है। निजी दुकानों पर 320 से 380 रुपये प्रति बोरी लिए जा रहे हैं। जबकि साधन सहकारी समितियों पर 280 रुपये वसूले जा रहे है। कुंडा की रहवई साधन सहकारी समिति पर मंगलवार को जमकर कालाबाजारी हुई।यहां किसानों को 280 रू में यूरिया खाद वितरित की गई। जिससे किसानों में अध्यक्ष व सचिव के खिलाफ आक्रोश व्याप्त रहा। खाद ने मिलने पर हंगामा होने लगा और मारपीट की भी नौबत आ गई। लेकिन लोगों के बीच बचाव के बाद मामला शांत हो गया। यहां तक की सहकारी समिति के मेंम्बरों को भी खाद नही मिल सकी। तो मजबूरन उन्हें प्राइवेट दुकानदारों से ₹350 में यूरिया खरीदनी पड़ी। जिससे गुस्साए मेम्बर अध्यक्ष व सचिव पर अपने चहेतो को अधिक खाद देने का आरोप लगाते रहे। कड़ाके की ठंड में सुबह से यूरिया खाद लेने आए कुछ किसानों को खाली हाथी ही वापस लौटना पड़ा।

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